बाबा वेंगा का नाम एक बार फिर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि उन्होंने दुनिया में बड़े ऊर्जा संकट, युद्ध और आर्थिक अस्थिरता की भविष्यवाणी की थी। वायरल पोस्ट्स में कहा जा रहा है कि पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और एलपीजी की कीमतें आने वाले समय में बहुत ज्यादा बढ़ सकती हैं। कुछ दावों में यह भी कहा गया कि 2026 तक दुनिया को कई बड़े संकटों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
युद्ध से बढ़ा तेल संकट का डर
असल में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों की चर्चा का कारण सिर्फ भविष्यवाणी नहीं, बल्कि दुनिया में बढ़ता तनाव है। ईरान और यूनाइटेड स्टेट के बीच बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित किया है। मिडिल ईस्ट दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है और यहां तनाव बढ़ते ही कच्चे तेल की सप्लाई पर असर पड़ता है। खासतौर पर होर्मुज स्ट्रेट से तेल सप्लाई बाधित होने की आशंका के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। इसका सीधा असर पेट्रोल, डीजल और एलपीजी पर दिखाई दे रहा है।
भारत समेत कई देशों पर असर
रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से ही दुनिया के कई देशों में महंगाई बढ़ी हुई है। अब अमेरिका-ईरान तनाव ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। भारत समेत कई देशों में ईंधन की कीमतें बढ़ने लगी हैं। कई जगहों पर डीजल की कमी की खबरें भी सामने आ रही हैं। होटल, ढाबे, फैक्ट्रियां और छोटे कारोबार एलपीजी की बढ़ती कीमतों और सप्लाई की दिक्कतों से परेशान हैं। आम लोगों के लिए ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा का खर्च भी बढ़ता जा रहा है। यही वजह है कि ऊर्जा संकट को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है।
कब सुधर सकते हैं हालात
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम नहीं होता, तब तक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। अगर तेल सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो कई देशों को लंबे समय तक ईंधन संकट का सामना करना पड़ सकता है। इसी कारण अब कई देश वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं। इलेक्ट्रिक वाहन, बायोफ्यूल और दूसरी ग्रीन एनर्जी तकनीकों पर जोर बढ़ाया जा रहा है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर मिडिल ईस्ट के हालात और तेल बाजार पर टिकी हुई है।