Modi Government की सख्त नीति के बीच लोकपाल पहुंचा नया मामला, पढ़ें एक क्लिक में

भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार सख्ती और जीरो टॉलरेंस की बात करने वाली मोदी सरकार के दौर में अब एक और मामला चर्चा में आ गया है। सार्वजनिक क्षेत्र की दवा कंपनी हिंदुस्तान एंटीबायोटिक्स लिमिटेड की प्रबंध निदेशक नीरजा सराफ के खिलाफ लोकपाल में एक विस्तृत शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में कथित भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग, वित्तीय गड़बड़ी और भाई-भतीजावाद जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि फिलहाल ये सभी आरोप शिकायत का हिस्सा हैं और उनकी सत्यता की जांच अभी बाकी है।

टेंडर प्रक्रिया पर उठे सवाल

दर्ज शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कुछ ठेकों और खरीद प्रक्रियाओं को लेकर नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि सरकारी खरीद मानकों और निगरानी से जुड़े नियमों का कथित तौर पर पूरी तरह पालन नहीं किया गया। कुछ कंपनियों को लेकर अंदरूनी स्तर पर भी आपत्तियां जताई गई थीं, लेकिन कथित रूप से उन पर गंभीरता से विचार नहीं हुआ। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

कंपनी के माहौल पर भी आरोप

शिकायत में सिर्फ वित्तीय पहलुओं का ही नहीं बल्कि कंपनी के कामकाजी माहौल का भी जिक्र किया गया है। आरोप लगाया गया है कि कथित गड़बड़ियों पर सवाल उठाने वाले कर्मचारियों को दबाव में रखने की कोशिश की जाती थी। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि कुछ कर्मचारियों को कार्रवाई या तबादले की आशंका का डर दिखाया गया। हालांकि इन आरोपों को लेकर अभी तक किसी जांच एजेंसी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

संसाधनों के इस्तेमाल पर सवाल

शिकायत में सरकारी सुविधाओं और संसाधनों के कथित इस्तेमाल को लेकर भी सवाल खड़े किए गए हैं। आरोपों के मुताबिक कुछ प्रशासनिक व्यवस्थाओं और सुविधाओं का उपयोग नियमों के अनुरूप हुआ या नहीं, इसको लेकर जांच की मांग की गई है। कुछ नियुक्तियों और फैसलों को लेकर भी शिकायतकर्ता ने सवाल उठाए हैं। फिलहाल सभी बातें जांच की मांग के रूप में सामने आई हैं।

हेल्थ परियोजना भी जांच के घेरे में

महाराष्ट्र से जुड़ी हेल्थ मशीन खरीद परियोजना को लेकर भी शिकायत में कई दावे किए गए हैं। आरोप लगाया गया है कि खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर संदेह है और लागत से जुड़े मुद्दों पर सवाल खड़े किए गए हैं। शिकायत में कुछ निजी कंपनियों के नामों का भी जिक्र किया गया है और उनकी भूमिका की जांच की मांग की गई है।

अब आगे क्या होगा?

अब पूरे मामले में लोकपाल के रुख पर सबकी नजरें टिक गई हैं। शिकायतकर्ता ने वर्ष 2016 से अब तक के वित्तीय रिकॉर्ड, नियुक्तियों और ठेकों की विस्तृत जांच कराने की मांग की है। साथ ही जांच पूरी होने तक उचित कार्रवाई और शिकायत से जुड़े लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की गई है। फिलहाल कंपनी और नीरजा सराफ की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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Author: The Hindi Post