Iran पर फिर हमला कर सकता है अमेरिका, ट्रंप का नया ‘ऑपरेशन स्लेजहैमर’ बढ़ा रहा बड़े युद्ध का खतरा

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अगर युद्धविराम टूटता है तो डोनाल्ड ट्रंप सरकार ईरान के खिलाफ नया सैन्य अभियान शुरू कर सकती है। इस ऑपरेशन का नाम ‘ऑपरेशन स्लेजहैमर’ बताया जा रहा है। इससे पहले 28 फरवरी को अमेरिका ने ईरान पर हमला शुरू किया था, जिसे ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ नाम दिया गया था। करीब 40 दिनों तक चली इस लड़ाई के बाद सीज़फायर हुआ था। अब कहा जा रहा है कि दोबारा युद्ध शुरू हुआ तो अमेरिका पुराने ऑपरेशन का नाम बदलकर नई कार्रवाई दिखा सकता है।

नाम बदलने की बड़ी वजह

अमेरिका के कानून के मुताबिक अगर अमेरिकी सेना किसी देश के खिलाफ 60 दिनों से ज्यादा समय तक युद्ध लड़ती है, तो राष्ट्रपति को संसद से मंजूरी लेनी पड़ती है। संसद के दोनों सदनों में प्रस्ताव पास होने के बाद ही जंग जारी रखी जा सकती है। अगर मंजूरी नहीं मिलती तो अमेरिका को 30 दिनों के भीतर अपनी सेना वापस बुलानी होती है। क्योंकि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ सिर्फ 40 दिनों तक चला, इसलिए ट्रंप सरकार को संसद की मंजूरी लेने की जरूरत नहीं पड़ी। लेकिन अगर उसी नाम से फिर हमला शुरू होता है तो 20 दिन के भीतर संसद की इजाज़त जरूरी हो सकती है।

संसद से बचने की कोशिश

रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप सरकार इस कानूनी परेशानी से बचना चाहती है। माना जा रहा है कि इसी वजह से नए सैन्य अभियान के लिए नया नाम चुना जा सकता है। अगर ऑपरेशन का नाम बदल दिया जाता है तो उसे एक नया युद्ध बताया जा सकता है और 60 दिनों की नई समय सीमा मिल सकती है। इससे अमेरिका बिना संसद की मंजूरी के अगले दो महीने तक कार्रवाई जारी रख सकेगा। इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio भी संकेत दे चुके हैं कि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ खत्म हो चुका है।

बढ़ते तनाव से बढ़ी चिंता

सीज़फायर के बाद भी अमेरिका और ईरान के बीच पर्दे के पीछे बातचीत जारी रही। पाकिस्तान समेत कई देशों ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई, लेकिन दोनों पक्ष अपनी-अपनी शर्तों पर अड़े रहे। रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान के आखिरी प्रस्ताव पर ट्रंप नाराज़ हो गए थे और उसे बेकार बताया था। ट्रंप ने साफ कहा कि वे ईरान को परमाणु ताकत नहीं बनने देंगे। वहीं ईरान ने भी अमेरिकी दबाव के आगे झुकने से इनकार कर दिया। दोनों देशों के कड़े बयानों से यह आशंका बढ़ गई है कि युद्धविराम कभी भी टूट सकता है और मध्य पूर्व में फिर बड़ा संघर्ष शुरू हो सकता है।

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Author: The Hindi Post