अपरा एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित बेहद पवित्र व्रत माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से पापों से मुक्ति मिलती है और पुण्य की प्राप्ति होती है। ज्येष्ठ माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी को अपरा एकादशी कहा जाता है। इसका उल्लेख ब्रह्मवैवर्त पुराण, भविष्य पुराण और महाभारत में भी मिलता है। इसे सुख, समृद्धि और मोक्ष देने वाली एकादशी माना जाता है।
12 या 13 मई, कब रखें व्रत?
इस साल अपरा एकादशी की तारीख को लेकर लोगों में भ्रम बना हुआ है। द्रिक पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 12 मई को दोपहर 2 बजकर 52 मिनट पर शुरू होगी और 13 मई को दोपहर 1 बजकर 29 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर अपरा एकादशी का व्रत 13 मई को रखा जाएगा। इसलिए श्रद्धालु 13 मई को व्रत और भगवान विष्णु की पूजा कर सकते हैं।
जानिए शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
अपरा एकादशी पर ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:08 बजे से 4:50 बजे तक रहेगा। इस दिन सुबह स्नान कर साफ कपड़े पहनें और भगवान विष्णु के सामने दीपक जलाएं। पूजा में पीले फूल, तुलसी दल, पंचामृत और पीले रंग का भोग अर्पित करें। इसके बाद “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें, व्रत कथा सुनें और आरती करें।
पारण का सही समय नोट करें
अपरा एकादशी व्रत का पारण 14 मई को किया जाएगा। पारण का शुभ समय सुबह 6 बजकर 4 मिनट से 8 बजकर 41 मिनट तक रहेगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार, द्वादशी तिथि पर सही समय में पारण करना बेहद जरूरी माना जाता है। साथ ही इस दिन जरूरतमंदों को दान देने का भी विशेष महत्व बताया गया है।