बिहार में शुक्रवार शाम अचानक मौसम ने खतरनाक रूप ले लिया। तेज आंधी, भारी बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं ने कई जिलों में तबाही मचा दी। अब तक कम से कम 8 लोगों की मौत की खबर सामने आई है। पटना, समस्तीपुर, भोजपुर, पूर्वी चंपारण और वैशाली समेत कई जिलों में पेड़ गिरने, बिजली गिरने और हादसों की घटनाएं हुईं। तेज हवाओं की वजह से बिजली व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई और कई इलाकों में अंधेरा छा गया।
पटना में पेड़ गिरे, सड़कें जाम
राजधानी पटना में आंधी का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला। बीरचंद पटेल मार्ग, विद्यापति मार्ग, देशरत्न मार्ग और हाई कोर्ट परिसर समेत कई जगहों पर बड़े पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए। सचिवालय परिसर में करीब 50 साल पुराना पेड़ भी धराशायी हो गया। कई जगह होर्डिंग्स गिरने की घटनाएं भी सामने आईं। बारिश और पेड़ गिरने के कारण शहर की मुख्य सड़कों पर लंबा जाम लग गया। जलजमाव की वजह से लोगों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ी।
हादसों में गई कई लोगों की जान
मौसम की इस तबाही में कई लोगों की जान चली गई। पटना और वैशाली में पेड़ गिरने से लोगों के दबने की खबर सामने आई है। गर्दनीबाग इलाके में भी दो लोगों के घायल होने की सूचना मिली। बिजली गिरने और तेज आंधी के कारण ग्रामीण इलाकों में भी भारी नुकसान हुआ है। मौसम विभाग ने पहले ही खराब मौसम की चेतावनी जारी की थी, लेकिन अचानक आए तूफान ने हालात और ज्यादा बिगाड़ दिए।
सरकार ने जारी किए राहत निर्देश
घटना पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। साथ ही प्रशासन को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। पटना नगर निगम ने हेल्पलाइन नंबर 155304 जारी कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। निगम ने कहा है कि कहीं भी पेड़ गिरने या जलजमाव की स्थिति होने पर तुरंत सूचना दें, ताकि राहत कार्य जल्द शुरू किया जा सके।