पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर खड़ा हो गया है। पार्टी के भीतर लगातार बैठकों और चर्चाओं का दौर जारी है, लेकिन अभी तक किसी नाम पर अंतिम मुहर नहीं लगी है। सूत्रों के मुताबिक, कई दावेदारों के नाम सामने आए हैं और हाईकमान हर पहलू को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहता है। ऐसे में फिलहाल स्थिति पूरी तरह से खुली हुई है।
सुवेंदु अधिकारी सबसे मजबूत दावेदार
मुख्यमंत्री पद की रेस में सुवेंदु अधिकारी का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। उन्होंने भवानीपुर और नंदीग्राम जैसे अहम क्षेत्रों में जीत दर्ज कर अपनी मजबूत पकड़ साबित की है। खास बात यह रही कि उन्होंने ममता बनर्जी के गढ़ में उन्हें हराकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। इसी वजह से पार्टी नेतृत्व भी उन्हें एक मजबूत विकल्प के तौर पर देख रहा है।
महिला मुख्यमंत्री पर भी विचार
पार्टी के भीतर महिला मुख्यमंत्री बनाने की चर्चा भी तेज है। इस दिशा में अग्निमित्रा पॉल का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि वह हाल ही में दिल्ली जाकर पार्टी के शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर चुकी हैं। इससे उनके दावेदारी को और मजबूती मिली है। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि हाईकमान किस नाम पर सहमति बनाएगा, लेकिन महिला नेतृत्व को लेकर सकारात्मक संकेत जरूर हैं।
अन्य नाम और शपथ ग्रहण की तैयारी
इस रेस में दिलीप घोष, समिक भट्टाचार्य और स्वपन दासगुप्ता के नाम भी चर्चा में हैं। वहीं शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां तेज हो गई हैं। यह कार्यक्रम कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा, जो आमतौर पर राजभवन में होता है। जानकारी के अनुसार, समारोह 9 मई को सुबह 10 बजे होगा, जिसमें कई राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हो सकते हैं।
चुनाव नतीजों ने बदली राजनीतिक तस्वीर
इस चुनाव में बीजेपी ने 207 सीटें जीतकर बड़ा उलटफेर किया, जबकि टीएमसी 100 के आंकड़े तक नहीं पहुंच सकी। वोट प्रतिशत की बात करें तो बीजेपी को करीब 46% और टीएमसी को 41% वोट मिले। आंकड़ों से यह भी सामने आया कि हिंदू वोटरों का झुकाव बीजेपी की ओर ज्यादा रहा, जबकि मुस्लिम वोट प्रतिशत काफी कम रहा। इस जीत ने बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है।