असम और पश्चिम बंगाल में वोटिंग खत्म होने के बाद आए एग्जिट पोल्स ने शेयर बाजार में हलचल के संकेत दे दिए हैं. ज्यादातर सर्वे में बीजेपी को बढ़त मिलती दिख रही है, खासकर असम में NDA की आसान जीत का अनुमान लगाया गया है. वहीं पश्चिम बंगाल में भी कई पोल्स बीजेपी को बहुमत के करीब या उससे ऊपर दिखा रहे हैं. ऐसे में जब बाजार खुलेगा तो शुरुआती ट्रेडिंग में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.
बाजार की शुरुआत रह सकती है कमजोर
हालांकि राजनीतिक संकेतों के बावजूद बाजार के शुरुआती संकेत थोड़े सतर्क नजर आ रहे हैं. GIFT Nifty में 100 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है, जो बाजार की सुस्त शुरुआत का संकेत है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि एग्जिट पोल्स का असर आमतौर पर सीमित समय के लिए होता है. निवेशक इन नतीजों के आधार पर अपनी रणनीति जरूर बदल सकते हैं, खासकर उन सेक्टरों में जहां राज्य सरकार की नीतियों का सीधा असर पड़ता है.
किन सेक्टरों पर दिख सकता है असर
विशेषज्ञों के मुताबिक, चुनावी नतीजों का असर इंफ्रास्ट्रक्चर, बैंकिंग और सरकारी खर्च से जुड़े सेक्टरों पर ज्यादा देखने को मिल सकता है. अगर नई सरकार इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ाती है, तो इन शेयरों में तेजी आ सकती है. हालांकि, बाजार की बड़ी दिशा सिर्फ राजनीति से तय नहीं होती, बल्कि कंपनियों की कमाई, महंगाई और ब्याज दर जैसे फैक्टर्स ज्यादा अहम भूमिका निभाते हैं.
ग्लोबल संकेत अभी भी चुनौती
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, कमजोर रुपया और विदेशी निवेशकों की बिकवाली बाजार के लिए चिंता का कारण बनी हुई हैं. हाल ही में Sensex और Nifty में तेजी जरूर देखी गई, लेकिन यह मुख्य रूप से कंपनियों के अच्छे नतीजों की वजह से थी. तकनीकी तौर पर बाजार अभी एक अहम स्तर पर खड़ा है, जहां से आगे की दिशा साफ नहीं है. ऐसे में एग्जिट पोल्स का असर सीमित रह सकता है और बाजार की चाल ग्लोबल संकेतों से ही तय होगी.