महिलाओं में पेट के निचले हिस्से में दर्द अक्सर पीरियड्स या गैस की वजह से होता है, लेकिन अगर यह लंबे समय तक बना रहे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डॉ. सलोनी चड्ढा के अनुसार, कई महिलाएं इस दर्द को सामान्य समझकर टाल देती हैं, जबकि यह किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। समय रहते जांच और सही इलाज जरूरी है।
पेल्विक और ओवरी से जुड़ी समस्या
ऐसा दर्द पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज और ओवेरियन सिस्ट जैसी बीमारियों का लक्षण हो सकता है। पेल्विक इंफेक्शन में निचले पेट में दर्द और हल्का डिस्चार्ज होता है। वहीं ओवेरियन सिस्ट में लगातार दर्द बना रह सकता है, खासतौर पर पीसीओएस या PCOD की स्थिति में। इन समस्याओं का समय पर इलाज जरूरी है।
एंडोमेट्रियोसिस और यूटीआई के संकेत
एंडोमेट्रियोसिस भी इस दर्द का एक बड़ा कारण हो सकता है, जिसमें पीरियड्स के दौरान तेज दर्द होता है। अगर इसे समय पर नियंत्रित न किया जाए तो यह प्रजनन क्षमता पर असर डाल सकता है। इसके अलावा यूरिन इंफेक्शन में भी पेट के निचले हिस्से में दर्द, पेशाब में जलन और बार-बार पेशाब आने की समस्या होती है।
बचाव और जरूरी सावधानियां
इस तरह के दर्द से बचने के लिए पर्सनल हाइजीन का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराएं और किसी भी तरह के लगातार दर्द को नजरअंदाज न करें। संतुलित खानपान, साफ-सफाई और सुरक्षित जीवनशैली अपनाकर इन समस्याओं से बचा जा सकता है। अगर दर्द ज्यादा बढ़े, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना ही सबसे सही कदम है।