पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर हाई लेवल बातचीत के लिए ईरान पहुंचे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह डोनाल्ड ट्रंप का संदेश लेकर आए हैं। उनका मकसद अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बातचीत शुरू कराना है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच बातचीत का दूसरा दौर हो सकता है।
कौन-कौन है डेलिगेशन में?
इस पाकिस्तानी डेलिगेशन में मोहसिन नकवी भी शामिल हैं। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव को कम करना है। पाकिस्तान इस मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है, ताकि बातचीत के जरिए समाधान निकाला जा सके।
सीजफायर पर क्या है स्थिति?
अमेरिका और ईरान के बीच पहले दो हफ्तों का सीजफायर लागू किया गया था, जिसे आगे बढ़ाने की चर्चा चल रही है। हालांकि, अमेरिकी पक्ष की ओर से अभी इसकी औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है। डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा है कि सीजफायर बढ़ाने की जरूरत नहीं है, लेकिन बातचीत जारी है।
होर्मुज और आगे की रणनीति
इस बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी बयान सामने आया है। ट्रंप का कहना है कि वे इसे दुनिया के लिए हमेशा खुला रखना चाहते हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि चीन ने ईरान को हथियार न देने का भरोसा दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या इस बार शांति वार्ता सफल हो पाएगी।