पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए I-PAC के सह-संस्थापक विनेश चंदेल को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है। इससे पहले 2 अप्रैल को ED ने चंदेल से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी भी की थी।
I-PAC पर पहले भी हो चुका है विवाद
I-PAC वही संस्था है, जिस पर पहले भी विवाद हो चुका है। 8 जनवरी को कोलकाता स्थित इसके दफ्तर पर ED की छापेमारी के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद मौके पर पहुंच गई थीं। उस समय यह आरोप लगा था कि वह कुछ अहम दस्तावेज अपने साथ ले गई थीं, जिससे मामला और गरमा गया था।
कोयला घोटाले से जुड़ी जांच का मामला
बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला 2020 में दर्ज एक एफआईआर से जुड़ा है, जिसे CBI ने दर्ज किया था। इसमें पश्चिम बंगाल के आसनसोल के पास कुनुस्तोरिया और काजोरा क्षेत्र की कोयला खदानों में कथित चोरी और घोटाले का जिक्र है। इसी मामले में ED ने अब I-PAC से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच तेज कर दी है।
हवाला लेन-देन का ED का बड़ा दावा
ED के अनुसार, इस मामले में हवाला के जरिए करोड़ों रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ है। जांच एजेंसी का दावा है कि एक हवाला ऑपरेटर ने I-PAC की कंपनी के लिए फंड ट्रांसफर में अहम भूमिका निभाई। अब ED इस पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की भी जांच कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।