रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर: द रिवेंज बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई कर रही है और लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। जहां एक तरफ दर्शक फिल्म की जमकर तारीफ कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इसे लेकर विवाद भी खड़ा हो गया। खासतौर पर तमिलनाडु में फिल्म की स्क्रीनिंग को लेकर विरोध सामने आया, जिसने मामले को कोर्ट तक पहुंचा दिया।
तमिलनाडु में रोक की उठी मांग
फिल्म के डायरेक्टर आदित्य धर की इस फिल्म पर तमिलनाडु में रोक लगाने की मांग की गई। एक याचिका के जरिए कहा गया कि राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले फिल्म की स्क्रीनिंग आचार संहिता का उल्लंघन कर सकती है। याचिकाकर्ता का मानना था कि चुनावी माहौल में फिल्म का प्रभाव मतदाताओं को प्रभावित कर सकता है, इसलिए इसकी रिलीज रोकनी चाहिए।
मद्रास हाई कोर्ट का बड़ा फैसला
इस मामले में मद्रास हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत की बेंच, जिसमें मुख्य न्यायाधीश एस.ए. धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन शामिल थे, ने याचिका को शुरुआती स्तर पर ही खारिज कर दिया। कोर्ट ने साफ किया कि फिल्म की स्क्रीनिंग पर रोक लगाने के लिए कोई ठोस आधार नहीं है, इसलिए इसमें हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है।
याचिकाकर्ता का तर्क और कोर्ट का रुख
याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के दौरान फिल्म का प्रसारण ‘लेवल प्लेइंग फील्ड’ को प्रभावित कर सकता है और निष्पक्ष चुनाव की भावना को नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने सिनेमाघरों के साथ-साथ OTT प्लेटफॉर्म पर भी रोक लगाने की मांग की थी। हालांकि, कोर्ट इस तर्क से सहमत नहीं हुआ और किसी भी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया।