अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की घोषणा के बावजूद हालात शांत नहीं हुए हैं। डोनाल्ड ट्रंप शांति का दावा कर रहे हैं, लेकिन जमीनी स्थिति अलग नजर आ रही है। एक तरफ बातचीत की तैयारी चल रही है, वहीं दूसरी ओर इजराइल लगातार हमले कर रहा है, जिससे सीजफायर पर सवाल उठ रहे हैं।
लेबनान में हिज्बुल्लाह पर ताबड़तोड़ हमले
लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर भारी बमबारी की जा रही है। IDF ने 10 मिनट में 100 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया। रिपोर्ट्स के अनुसार, 24 घंटे में करीब 250 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से बड़ी संख्या राजधानी बेरूत से है। मिसाइल, कमांड सेंटर और इंटेलिजेंस ठिकानों को निशाना बनाया गया।
टेक्नोलॉजी से किए गए सटीक हमले
इजराइली सेना ने हाई-टेक तरीके से हिज्बुल्लाह के ठिकानों को टारगेट किया। बताया जा रहा है कि एक ऑनलाइन मीटिंग के दौरान लोकेशन ट्रेस कर हमले किए गए। इसके अलावा रिहायशी इलाकों, पेट्रोल पंप और बड़ी इमारतों पर भी एयर स्ट्राइक हुई। कई जगहों पर भारी तबाही देखने को मिली, जिससे आम नागरिक भी प्रभावित हुए हैं।
सीजफायर टूटने की पांच बड़ी वजहें
सीजफायर टूटने की आशंका के पीछे कई कारण हैं। पहला, अमेरिका का कहना है कि लेबनान इसमें शामिल नहीं था, जबकि ईरान इसे मानता है। दूसरा, क्षेत्र में अलग-अलग देशों के हमले जारी हैं। तीसरा, होर्मुज जलडमरूमध्य अब भी बंद है। चौथा, ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर विवाद बना हुआ है। और पांचवां, दोनों पक्षों की भड़काऊ बयानबाजी से तनाव और बढ़ रहा है।