अब यह मानना गलत साबित हो रहा है कि सिर्फ शराब पीने से ही लिवर खराब होता है। आजकल कई ऐसे लोग भी फैटी लिवर का शिकार हो रहे हैं जो न शराब पीते हैं, न धूम्रपान करते हैं और घर का खाना ही खाते हैं। बाहर से ये लोग बिल्कुल स्वस्थ दिखते हैं, लेकिन अंदर ही अंदर लिवर पर दबाव बढ़ता रहता है। इसकी असली वजह हमारी रोजमर्रा की छोटी-छोटी गलत आदतें हैं, जिन पर हम अक्सर ध्यान नहीं देते।
लाइफस्टाइल से जुड़ी बड़ी बीमारी
डॉक्टरों के अनुसार Non-Alcoholic Fatty Liver Disease (NAFLD) तेजी से बढ़ने वाली लाइफस्टाइल बीमारी बन चुकी है। यह तब होती है जब बिना शराब के सेवन के भी लिवर में फैट जमा होने लगता है। एक स्टडी के मुताबिक, शहरी भारत में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है और इसका सीधा संबंध बदलती लाइफस्टाइल से है। यानी हमारा खानपान और दिनचर्या इस बीमारी का सबसे बड़ा कारण बन रहे हैं।
एक्सपर्ट ने बताए असली कारण
विशेषज्ञों का कहना है कि आज की “नॉर्मल” डाइट पहले जैसी हेल्दी नहीं रही। रिफाइंड आटा, छिपी हुई शुगर, पैकेज्ड फूड और बार-बार बाहर का खाना लिवर पर असर डालते हैं। इसके अलावा कम शारीरिक गतिविधि, लंबे समय तक बैठना और नींद की कमी भी मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, फिजिकल एक्टिविटी की कमी कई मेटाबॉलिक बीमारियों की वजह है। साथ ही क्रैश डाइट, अनियमित खाना और ज्यादा दवाइयों का सेवन भी लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है।
लक्षण नहीं दिखते, सावधानी जरूरी
इस बीमारी की सबसे बड़ी समस्या यह है कि शुरुआत में इसके लक्षण साफ नजर नहीं आते। हल्की थकान, पेट फूलना या असहजता को लोग नजरअंदाज कर देते हैं। कई बार मरीज को कोई लक्षण महसूस ही नहीं होता और बीमारी बढ़ती रहती है। इससे बचने के लिए छोटे-छोटे बदलाव जरूरी हैं, जैसे रोज 30 मिनट वॉक करना, संतुलित आहार लेना, अच्छी नींद लेना और प्रोसेस्ड फूड व मीठे पेय से दूरी बनाना। सही समय पर ध्यान देने से लिवर को स्वस्थ रखा जा सकता है।