मिडिल ईस्ट में पहले से चल रहे तनाव के बीच इजराइल एक नए कानून को लेकर घिरता नजर आ रहा है। वेस्ट बैंक में मौत की सजा लागू करने के प्रावधान पर कई मुस्लिम देशों ने कड़ी आपत्ति जताई है। पाकिस्तान, तुर्किये, मिस्र समेत कुल सात देशों ने इस फैसले के खिलाफ संयुक्त बयान जारी किया है।
संयुक्त बयान में क्या कहा गया
इन देशों ने कहा कि यह कानून सीधे तौर पर फिलिस्तीन के लोगों के खिलाफ इस्तेमाल किया जा सकता है। बयान में इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवाधिकारों के खिलाफ बताया गया है। साथ ही यह भी कहा गया कि इस कानून का इस्तेमाल भेदभावपूर्ण तरीके से हो सकता है, खासकर फिलिस्तीनी कैदियों को निशाना बनाने के लिए। इससे क्षेत्र में पहले से मौजूद तनाव और बढ़ने की आशंका जताई गई है।
तनाव बढ़ने की दी चेतावनी
विदेश मंत्रियों ने चेतावनी दी कि ऐसे कदम मिडिल ईस्ट में शांति प्रक्रिया को कमजोर कर सकते हैं। उनका मानना है कि इससे क्षेत्र की स्थिरता पर खतरा मंडरा सकता है। बयान में इजराइल की नीतियों पर आरोप लगाया गया कि वे फिलिस्तीनियों के अधिकारों को कमजोर कर रही हैं और भेदभावपूर्ण माहौल बना रही हैं। इससे हालात और ज्यादा बिगड़ सकते हैं।
कैदियों की हालत पर भी चिंता
संयुक्त बयान में फिलिस्तीन के कैदियों की स्थिति को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई है। आरोप है कि जेलों में उनके साथ अमानवीय व्यवहार हो रहा है, जिसमें यातना और भोजन की कमी जैसी समस्याएं शामिल हैं। इन देशों ने वैश्विक समुदाय से अपील की है कि इस मुद्दे पर हस्तक्षेप किया जाए और जवाबदेही तय की जाए, ताकि क्षेत्र में शांति बनी रह सके।