Sugarcane Juice और Diabetes: मीठा स्वाद या छुपा खतरा? जानिए एक्सपर्ट की राय और सही सेवन का तरीका

आज की लाइफस्टाइल में डायबिटीज एक आम समस्या बन चुकी है, जिसमें खान-पान पर विशेष ध्यान देना जरूरी होता है। गर्मियों में ठंडा गन्ने का जूस हर किसी को आकर्षित करता है, क्योंकि यह शरीर को ठंडक और हाइड्रेशन देता है। लेकिन डायबिटीज के मरीजों के लिए यह सवाल हमेशा बना रहता है कि क्या वे इसे पी सकते हैं या नहीं। दरअसल, गन्ने का जूस प्राकृतिक जरूर है, लेकिन इसमें मौजूद अधिक शुगर इसे जोखिम भरा बना सकती है।

एक्सपर्ट क्या कहते हैं

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, डायबिटीज मरीज पूरी तरह से गन्ने का जूस नहीं छोड़ते, लेकिन इसका सेवन बहुत सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। बेहतर विकल्प के रूप में गन्ना चबाकर खाना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि गन्ने में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर में शुगर के अवशोषण को धीमा करता है। इससे ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ता और शरीर को पोषण भी मिलता है।

गन्ने के जूस में शुगर की मात्रा

गन्ने का जूस देखने में हल्का और ताजा लगता है, लेकिन इसमें शुगर की मात्रा काफी ज्यादा होती है। एक छोटे गिलास (लगभग 240 एमएल) गन्ने के जूस में करीब 50 ग्राम तक चीनी हो सकती है, जो लगभग 10 चम्मच के बराबर है। यह शुगर शरीर में तेजी से घुलती है और ब्लड शुगर लेवल को अचानक बढ़ा सकती है। इसलिए डायबिटीज मरीजों के लिए यह खासतौर पर सावधानी का विषय है, भले ही यह प्राकृतिक पेय क्यों न हो।

सेवन करते समय जरूरी सावधानियां

गन्ने का जूस पीते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। इसे कभी भी खाली पेट नहीं पीना चाहिए, क्योंकि इससे शुगर तेजी से बढ़ सकती है। एक बार में अधिक मात्रा लेने से बचें और हमेशा डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसे अपनी डाइट में शामिल करें। डायबिटीज मरीजों के लिए नारियल पानी, बिना चीनी का नींबू पानी, छाछ और ग्रीन टी जैसे विकल्प ज्यादा सुरक्षित और हेल्दी माने जाते हैं।

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Author: The Hindi Post