अयोध्या में रामनवमी के अवसर पर अद्भुत भक्ति और उल्लास का माहौल देखने को मिला। दोपहर ठीक 12 बजे राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला का दिव्य ‘सूर्य तिलक’ किया गया। वैज्ञानिक तकनीक के जरिए सूर्य की किरणें गर्भगृह में पहुंचीं और करीब चार मिनट तक रामलला के मस्तक पर रहीं। यह दृश्य आस्था और विज्ञान के सुंदर संगम का प्रतीक बना।
लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ और भक्ति का माहौल
रामनवमी के मौके पर लाखों श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे। प्रशासन के अनुसार, दो दिनों में करीब 35 लाख लोग दर्शन के लिए आए। मंदिर परिसर, राम पथ और सरयू घाट पर भक्तों की भारी भीड़ रही। हर तरफ “जय श्रीराम” के जयकारे गूंजते रहे और भक्त इस ऐतिहासिक पल को देखने के लिए उत्साहित नजर आए।
पूजा, भोग और भंडारों की विशेष व्यवस्था
सुबह से मंदिरों में वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और आरती का आयोजन हुआ। रामलला का अभिषेक कर 56 भोग अर्पित किए गए। अयोध्या के हजारों मंदिरों में भी विशेष पूजा हुई। श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह भंडारे लगाए गए, जहां पंजीरी और लड्डू प्रसाद वितरित किया गया। यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सेवा का भी उदाहरण बना।
सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की तैयारी
राज्य सरकार और योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई। पूरे शहर को कई जोन और सेक्टर में बांटा गया। ड्रोन निगरानी, एंटी-ड्रोन सिस्टम और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए गए, जिससे पूरा आयोजन शांति और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ।