आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग दिनभर थक जाते हैं, लेकिन रात को नींद नहीं आती। शरीर आराम चाहता है, मगर दिमाग लगातार चलता रहता है। आप बिस्तर पर लेटकर करवट बदलते रहते हैं या फोन चलाते रहते हैं। यह “थका हुआ लेकिन जागा हुआ” जैसी स्थिति बन जाती है, जो अब आम समस्या बन चुकी है।
तनाव बनता है सबसे बड़ा कारण
दिनभर का तनाव, काम का दबाव और निजी परेशानियां दिमाग को शांत नहीं होने देतीं। ऐसे में शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ जाता है, जो आपको सतर्क बनाए रखता है। यही वजह है कि थके होने के बावजूद नींद नहीं आती। सोने से पहले गहरी सांस लेना, मेडिटेशन करना और अपने विचार लिखना मददगार हो सकता है।
मोबाइल और बिगड़ा रूटीन
सोने से पहले मोबाइल, टीवी या लैपटॉप का इस्तेमाल नींद को खराब करता है। इनकी नीली रोशनी मेलाटोनिन को कम कर देती है, जो नींद लाने में मदद करता है। साथ ही अनियमित सोने-जागने का समय भी शरीर की घड़ी को बिगाड़ देता है। इसलिए रोज एक तय समय पर सोना और उठना जरूरी है।
अच्छी नींद के आसान उपाय
बेहतर नींद के लिए कमरे का माहौल शांत, ठंडा और अंधेरा रखें। सोने से पहले फोन बंद करें और हल्का संगीत या किताब का सहारा लें। रात का खाना हल्का और समय पर खाएं, कैफीन से बचें और दिन में थोड़ी एक्सरसाइज जरूर करें। ये छोटी आदतें आपकी नींद को गहरी और सुकून भरी बना सकती हैं।