अमेरिका में COVID-19 का नया वेरिएंट BA.3.2 तेजी से फैल रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह वेरिएंट मौजूदा वैक्सीन से मिलने वाली सुरक्षा को कुछ हद तक कमजोर कर सकता है। हालांकि इसके गंभीर असर अभी पूरी तरह सामने नहीं आए हैं, लेकिन इसके तेजी से फैलने की क्षमता ने हेल्थ एक्सपर्ट्स की चिंता बढ़ा दी है।
कैसे फैल रहा है यह वेरिएंट
यह नया वेरिएंट ओमिक्रॉन का ही एक रूप है, जिसे सबसे पहले 2024 में साउथ अफ्रीका में देखा गया था। बाद में 2025 में अमेरिका में इसकी पहचान हुई और अब यह 20 से ज्यादा राज्यों में फैल चुका है। खास बात यह है कि यह सिर्फ मरीजों में ही नहीं, बल्कि एयरपोर्ट के वेस्टवॉटर सैंपल्स में भी मिला है, जिससे इसके बड़े स्तर पर फैलने का अंदेशा जताया जा रहा है।
वायरस में क्या है खास बदलाव
वैज्ञानिकों के अनुसार BA.3.2 वेरिएंट के स्पाइक प्रोटीन में 70-75 बदलाव पाए गए हैं। यही हिस्सा वायरस को शरीर की कोशिकाओं में प्रवेश करने में मदद करता है। इन बदलावों के कारण यह वेरिएंट ज्यादा तेजी से फैल सकता है और शरीर की इम्यूनिटी को भी चकमा दे सकता है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक मौजूदा वैक्सीन, जो पुराने वेरिएंट्स के लिए बनी हैं, इस पर कम असरदार हो सकती हैं।
कितना खतरनाक है और क्या करें
अभी तक इस वेरिएंट से गंभीर मामलों में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं देखी गई है, जो राहत की बात है। कुछ मरीज अस्पताल पहुंचे, लेकिन सभी ठीक हो गए। एक्सपर्ट का कहना है कि कोविड अब एंडेमिक बन चुका है, यानी यह समय-समय पर नए रूप में आता रहेगा। इसलिए सतर्क रहना जरूरी है- मास्क, स्वच्छता और सावधानी से ही संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।