24 March को रखा जाएगा स्कंद षष्ठी व्रत, जानिए सही मुहूर्त, पूजा विधि और इससे मिलने वाले चमत्कारी फायदे

सनातन धर्म में भगवान कार्तिकेय को विशेष स्थान प्राप्त है। उन्हें स्कंद के नाम से भी जाना जाता है। हर माह शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को उनकी पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से संतान सुख, स्वास्थ्य और जीवन में सफलता का आशीर्वाद मिलता है।

तिथि और शुभ मुहूर्त

चैत्र माह की शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि 23 मार्च की शाम 6:38 बजे से शुरू होकर 24 मार्च को शाम 4:07 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के अनुसार स्कंद षष्ठी का व्रत 24 मार्च को रखा जाएगा। इस दिन सुबह पूजा करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है।

पूजा विधि आसान तरीके से

इस दिन सुबह स्नान कर साफ वस्त्र पहनें और पूजा स्थान को शुद्ध करें। इसके बाद भगवान कार्तिकेय और भगवान शिव परिवार की तस्वीर स्थापित करें। फूल, फल, धूप-दीप अर्पित करें और मंत्र जाप करें। स्कंद षष्ठी व्रत कथा पढ़ना भी जरूरी माना जाता है। अंत में भोग लगाकर आरती करें।

व्रत के लाभ और मान्यता

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार स्कंद षष्ठी व्रत करने से जीवन में विजय, सुख और समृद्धि आती है। यह व्रत खासकर संतान प्राप्ति और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। साथ ही, यह व्रत रोगों से मुक्ति और मानसिक शांति देने वाला भी माना जाता है।

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Author: The Hindi Post