अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने NATO देशों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने ईरान के साथ जारी युद्ध में सहयोग न मिलने पर अपने सहयोगियों को “कायर” तक कह दिया। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा कि अमेरिका के बिना NATO सिर्फ “कागजी शेर” है। उनका कहना है कि साथी देश तेल की कीमतों पर चिंता तो जताते हैं, लेकिन समुद्री रास्तों को सुरक्षित करने में कोई मदद नहीं करना चाहते।
ईरान युद्ध और बढ़ता संकट
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और इजराइल का ईरान के साथ संघर्ष जारी है। 28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध में हजारों लोगों की जान जा चुकी है और लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं। इस जंग का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और बाजारों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। खासकर तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिससे कई देश चिंतित हैं।
होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ी चिंता
ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी नाराजगी जताई। यह दुनिया का एक बेहद अहम समुद्री मार्ग है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की सप्लाई होती है और फिलहाल इस पर ईरान का प्रभाव है। ट्रंप का दावा है कि इस रास्ते को खोलना एक आसान सैन्य कदम है, लेकिन NATO देश इसमें सहयोग करने से पीछे हट रहे हैं। उनके मुताबिक, इसी वजह से वैश्विक तेल कीमतों में उछाल देखा जा रहा है।
यूरोपीय देशों का अलग रुख
दूसरी ओर जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन समेत कई देशों ने साफ किया है कि वे बिना युद्ध खत्म हुए कोई बड़ा कदम नहीं उठाना चाहते। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने तनाव कम करने और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने पर जोर दिया है। यूरोपीय देशों का मानना है कि सीधे युद्ध में शामिल होना स्थिति को और बिगाड़ सकता है।