चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व आज से शुरू हो गया है और यह 27 मार्च तक चलेगा। पहले दिन भक्त कलश स्थापना के साथ माता दुर्गा की पूजा करते हैं और अखंड ज्योत जलाते हैं। यह ज्योत पूरे नौ दिनों तक लगातार जलती रहनी चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह ज्योत देवी मां की उपस्थिति का प्रतीक होती है और घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संकेत देती है।
ज्योत बुझने पर क्यों होता है डर
अखंड ज्योत को बिना रुके जलते रहना शुभ माना जाता है, इसलिए जब यह किसी कारण से बुझ जाती है तो भक्तों के मन में डर और चिंता पैदा हो जाती है। कई लोग इसे अशुभ संकेत मान लेते हैं और अनहोनी की आशंका करने लगते हैं। लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा सोचना सही नहीं है। अगर सच्चे मन से पूजा की जा रही है, तो मां की कृपा हमेशा बनी रहती है और छोटी-छोटी घटनाओं को अशुभ नहीं मानना चाहिए।
ज्योत बुझ जाए तो क्या करें
अगर अखंड ज्योत अचानक बुझ जाए, तो सबसे पहले शांत रहें और घबराएं नहीं। मन ही मन माता दुर्गा का स्मरण करें और उनसे क्षमा प्रार्थना करें। अपने मन से डर और नकारात्मक विचारों को दूर करें। इसके बाद श्रद्धा के साथ फिर से ज्योत जलाएं और मां से प्रार्थना करें कि वे उसमें पुनः विराजमान हों। यह विश्वास रखना जरूरी है कि सच्ची भक्ति ही सबसे महत्वपूर्ण है और मां अपने भक्तों की भावना को समझती हैं।
अखंड ज्योत का धार्मिक महत्व
नवरात्रि में अखंड ज्योत जलाना अंधकार को दूर करने और प्रकाश फैलाने का प्रतीक माना जाता है। यह घर में सकारात्मक ऊर्जा, ज्ञान और शांति का संकेत देती है। साथ ही यह जीवन की निरंतरता और उम्मीद का भी प्रतीक है। नौ दिनों तक जलने वाली यह ज्योत भक्तों को यह संदेश देती है कि जीवन में चाहे कितनी भी मुश्किलें आएं, विश्वास और भक्ति का प्रकाश हमेशा बनाए रखना चाहिए।