बिहार के राज्यसभा चुनाव में बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला। एनडीए ने सभी पांच सीटें जीतकर 5-0 से क्लीन स्वीप कर लिया। पांचवीं सीट जीतने के लिए एनडीए को तीन अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत थी। इसी बीच महागठबंधन के चार विधायक मतदान के दौरान अनुपस्थित रहे, जिससे चुनाव का पूरा समीकरण बदल गया और इसका सीधा फायदा एनडीए को मिला।
चार विधायकों की गैरहाजिरी से बदला खेल
मतदान के दौरान महागठबंधन के चार विधायक वोट डालने नहीं पहुंचे। इनमें वाल्मीकिनगर से कांग्रेस विधायक सुरेंद्र कुशवाहा, फारबिसगंज से कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास, मनिहारी से कांग्रेस विधायक मनोहर सिंह और ढाका से राजद विधायक फैजल रहमान शामिल हैं। इन विधायकों की गैरमौजूदगी के कारण महागठबंधन की रणनीति पूरी तरह बिगड़ गई और एनडीए के लिए पांचवीं सीट जीतना आसान हो गया।
वोटिंग के आंकड़ों में एनडीए को बढ़त
चुनाव के नतीजों में एनडीए उम्मीदवारों को स्पष्ट बढ़त मिली। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को प्रथम वरीयता के 44 वोट मिले। वहीं नितिन नबीन को भी 44 वोट प्राप्त हुए। उपेंद्र कुशवाहा और रामनाथ ठाकुर को 42-42 वोट मिले। दूसरी ओर महागठबंधन के उम्मीदवार एडी सिंह को केवल 37 वोट मिल सके। इन आंकड़ों से साफ हो गया कि विपक्ष की रणनीति इस बार काम नहीं आई।
चुनाव के बीच अनंत सिंह का बड़ा बयान
राज्यसभा चुनाव के दौरान मोकामा विधायक अनंत सिंह का बयान भी चर्चा में रहा। उन्होंने कहा कि अगर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं रहे तो वह अगला विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे और उनके बच्चे चुनाव लड़ेंगे। बता दें कि अनंत सिंह दुलार चंद यादव हत्या मामले में गिरफ्तार हैं और उन्हें अभी तक जमानत नहीं मिली है। हालांकि वोट डालने के लिए उन्हें पैरोल पर अनुमति दी गई थी।