हिंदू धर्म में खरमास को एक महत्वपूर्ण लेकिन अशुभ अवधि माना जाता है। ज्योतिष मान्यता के अनुसार जब सूर्य देवताओं के गुरु बृहस्पति की राशियों में प्रवेश करते हैं, तब खरमास की शुरुआत होती है। इस साल 15 मार्च को सूर्य Pisces यानी मीन राशि में प्रवेश करेंगे और उसी दिन से खरमास शुरू हो जाएगा। यह अवधि लगभग एक महीने तक चलेगी और 14 अप्रैल को समाप्त होगी। इस दौरान कई शुभ और मांगलिक कार्य करने से बचने की परंपरा है।
मांगलिक कार्यों पर लगता है विराम
खरमास के दौरान हिंदू धर्म में शादी-विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन संस्कार और नामकरण जैसे शुभ काम नहीं किए जाते। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस समय किए गए मांगलिक कार्यों का शुभ फल नहीं मिलता। ज्योतिष के अनुसार इस अवधि में सूर्य और बृहस्पति का प्रभाव कमजोर माना जाता है। हालांकि इस समय को आध्यात्मिक साधना, पूजा-पाठ, व्रत और दान के लिए बेहद शुभ माना गया है। इस दौरान भगवान की भक्ति और आत्मचिंतन करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।
खरमास से पहले घर लाएं ये चीजें
धार्मिक और वास्तु शास्त्र मान्यताओं के अनुसार कुछ चीजें खरमास शुरू होने से पहले घर लाना शुभ माना जाता है। माना जाता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि बढ़ती है। वास्तु के अनुसार धातु का कछुआ घर में रखना शुभ माना जाता है, जो नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है। इसके अलावा घर में हरा-भरा मनी प्लांट लगाना भी शुभ माना जाता है। धन की देवी लक्ष्मी को चांदी प्रिय होती है, इसलिए चांदी का सिक्का घर में रखना भी समृद्धि का संकेत माना जाता है।
खरमास में इन बातों का रखें ध्यान
खरमास के दौरान नई कार, जमीन या बहुत महंगी चीजें खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि इस समय घर की साफ-सफाई, पूजा-पाठ और दान-पुण्य जरूर करना चाहिए। वास्तु मान्यता के अनुसार खरमास से पहले नई झाड़ू खरीदना भी शुभ माना जाता है, क्योंकि झाड़ू को लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। माना जाता है कि इससे घर की दरिद्रता दूर होती है और सुख-समृद्धि आती है। इस दौरान घर में स्वच्छता और नियमित पूजा का विशेष ध्यान रखना चाहिए।