आजकल नेल एक्सटेंशन और एक्रिलिक नेल्स का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। लंबे, चमकदार और स्टाइलिश नाखून कई लोगों को बेहद आकर्षक लगते हैं। खासतौर पर पार्टियों, शादी या खास मौकों पर लोग नेल एक्सटेंशन करवाना पसंद करते हैं। हालांकि एक्सपर्ट का कहना है कि इनका बार-बार इस्तेमाल नाखूनों और त्वचा के लिए नुकसानदेह हो सकता है। इसकी वजह केवल नेल एक्सटेंशन नहीं, बल्कि उन्हें लगाने की प्रक्रिया और उसमें इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स और यूवी लाइट भी हैं।
एक्सपर्ट ने बताई असली वजह
ऑन्कोलॉजी सर्जन डॉ. जय आर अनाम के मुताबिक एक्रिलिक नेल्स देखने में भले ही सुंदर लगते हों और लंबे समय तक टिकते हों, लेकिन इनके पीछे कुछ छिपे हुए जोखिम भी होते हैं। उन्होंने बताया कि नेल एक्सटेंशन लगाने के दौरान एक खास पाउडर और लिक्विड को मिलाकर नाखूनों पर लगाया जाता है। इसके बाद उसे यूवी लैंप के नीचे सख्त किया जाता है। यही यूवीए किरणें चिंता का कारण बन सकती हैं, क्योंकि ये त्वचा की कोशिकाओं के डीएनए को नुकसान पहुंचा सकती हैं। लंबे समय तक बार-बार इसका इस्तेमाल करने से त्वचा से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
स्किन पर केमिकल्स का असर
कुछ रिसर्च में यह भी सामने आया है कि बार-बार यूवी लैंप के नीचे हाथ रखने से त्वचा पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। कई एक्रिलिक नेल उत्पादों में फॉर्मल्डिहाइड और टोल्यून जैसे केमिकल्स पाए जाते हैं। ये रसायन त्वचा में जलन, खुजली या एलर्जी की समस्या पैदा कर सकते हैं। जब यूवी किरणें और ये केमिकल्स एक साथ असर डालते हैं, तो त्वचा पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कभी-कभार नेल एक्सटेंशन करवाया जाए तो जोखिम बहुत ज्यादा नहीं होता।
इन सावधानियों से कम हो सकता है जोखिम
डॉक्टरों का कहना है कि नेल एक्सटेंशन को रोजमर्रा की आदत बनाने से बचना चाहिए और इसे केवल खास मौकों तक सीमित रखना बेहतर है। नेल एक्सटेंशन करवाने से पहले हाथों और उंगलियों पर सनस्क्रीन लगाना एक अच्छा उपाय माना जाता है। इसके अलावा पारंपरिक यूवी लैंप की जगह एलईडी लैंप का इस्तेमाल अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है। साथ ही हमेशा भरोसेमंद सैलून में ही यह प्रक्रिया करवानी चाहिए और घर पर खुद से एक्रिलिक नेल्स हटाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।