Iran-Israel War का असर भारत की रसोई तक, कई शहरों में एलपीजी संकट, होटल-रेस्टोरेंट पर खतरा और कालाबाजारी बढ़ी

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। ईरान, इजराइल और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच चल रही जंग के कारण देश के कई शहरों में एलपीजी की कमी की खबरें सामने आ रही हैं। कई जगह लोगों को गैस सिलेंडर लेने के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों के सामने भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

दिल्ली और चंडीगढ़ में लंबी कतारें

देश की राजधानी दिल्ली में लोग गैस एजेंसियों के बाहर सिलेंडर लेकर लाइन में खड़े दिखाई दे रहे हैं। लोगों को डर है कि सप्लाई कम हो सकती है, इसलिए कई लोग पहले से ही सिलेंडर लेने पहुंच रहे हैं। वहीं चंडीगढ़ में भी एलपीजी को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। यहां कुछ लोगों ने सिलेंडर की कालाबाजारी का आरोप लगाया है और कहा है कि जरूरतमंदों से ज्यादा पैसे वसूले जा रहे हैं।

गुजरात में उद्योगों की गैस सप्लाई घटाई

बढ़ती चिंता के बीच गुजरात सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। घरेलू रसोई गैस की सप्लाई प्रभावित न हो, इसके लिए उद्योगों को मिलने वाली गैस में 50 फीसदी तक कटौती कर दी गई है। राज्य के ऊर्जा मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि किसी भी घर में गैस की कमी न हो। इसलिए कुछ औद्योगिक उपयोगों पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए हैं।

राजस्थान में कमर्शियल सिलेंडर पर असर

राजस्थान में भी हालात बदलने लगे हैं। तेल कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की डिलीवरी पर अनौपचारिक रोक लगा दी है। एजेंसियों को फिलहाल घरेलू गैस की डिलीवरी पर ध्यान देने को कहा गया है। इसका असर होटल, रेस्टोरेंट और मिठाई दुकानों पर दिखने लगा है। अकेले जयपुर में हजारों होटल और मिठाई की दुकानों का काम गैस सप्लाई पर निर्भर है।

लखनऊ में भी सप्लाई पर संकट

लखनऊ में भी कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होने लगी है। एजेंसियों के मुताबिक फिलहाल सिर्फ उन्हीं ग्राहकों को सिलेंडर दिया जा रहा है जिन्होंने पहले से बुकिंग कर रखी है। नई बुकिंग पर रोक लगने से रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल और कैटरिंग व्यवसाय पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। माना जा रहा है कि अगर सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो अगले कुछ दिनों में समस्या और बढ़ सकती है।

मुंबई और बेंगलुरु में रेस्टोरेंट संकट

मुंबई के होटल एसोसिएशनों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई 10 से 20 फीसदी तक कम हो गई है। वहीं बेंगलुरु में होटल एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो कई होटल और रेस्टोरेंट बंद करने पड़ सकते हैं। इसका असर आम लोगों के साथ-साथ छात्रों और आईटी प्रोफेशनल्स पर भी पड़ेगा।

चेन्नई और कोलकाता में भी बढ़ी चिंता

चेन्नई के होटल संगठनों ने भी चेतावनी दी है कि कमर्शियल एलपीजी की कमी के कारण कई होटल 24 घंटे के भीतर बंद हो सकते हैं। वहीं कोलकाता में भी रेस्टोरेंट कारोबारियों ने गैस की कमी की शिकायत की है। इंडस्ट्री संगठनों का कहना है कि अगर जल्द फ्यूल सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो कारोबार ठप पड़ सकता है और हजारों लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित होगी।

सरकार के कदम और विपक्ष का हमला

इस संकट के बीच सरकार ने कई कदम उठाए हैं। रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं और तेल और प्राकृतिक गैस निगम व GAIL को ज्यादा गैस उत्पादन करने को कहा गया है। जमाखोरी रोकने के लिए 25 दिन का इंटर-बुकिंग नियम लागू किया गया है। वहीं विपक्ष के नेता विवेक तन्खा ने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह गैस संकट पर खुलकर चर्चा नहीं करना चाहती।

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Author: The Hindi Post