लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर मंगलवार को संसद में चर्चा शुरू होने जा रही है। लोकसभा में यह चर्चा करीब सवा बारह बजे शुरू होगी। प्रस्ताव पेश होने के बाद सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू बहस की शुरुआत करेंगे। बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर सदन में दो दिन तक चर्चा चलेगी। बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सरकार की ओर से अंतिम जवाब देंगे।
बीजेपी के कई बड़े नेता रखेंगे पक्ष
स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर सरकार की तरफ से कई वरिष्ठ नेता अपनी बात रखेंगे। इनमें किरण रिजिजू, रविशंकर प्रसाद, निशिकांत दुबे, तेजस्वी सूर्या, जगदंबिका पाल, अनुराग ठाकुर और भर्तृहरि महताब जैसे नेता शामिल हैं। इन नेताओं के जरिए बीजेपी सदन में अपना पक्ष मजबूती से रखने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि बहस के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है।
हंगामे के कारण सोमवार को नहीं हो पाई चर्चा
दरअसल इस प्रस्ताव पर चर्चा सोमवार को ही होनी थी, लेकिन संसद में लगातार हंगामे के कारण ऐसा नहीं हो सका। विपक्ष पश्चिम एशिया की स्थिति पर सदन में चर्चा कराने की मांग कर रहा था। इसी मुद्दे पर विपक्ष के सांसदों ने जोरदार विरोध किया और सदन में शोर-शराबा हुआ। इसके चलते लोकसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी और अंत में पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। इस वजह से स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा शुरू नहीं हो सकी।
118 विपक्षी सांसदों ने किया प्रस्ताव का समर्थन
बजट सत्र के पहले चरण में करीब 118 विपक्षी सांसदों ने स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए थे। विपक्ष का आरोप है कि ओम बिरला सदन का संचालन निष्पक्ष तरीके से नहीं करते और अक्सर सत्ता पक्ष का समर्थन करते हैं। यह प्रस्ताव कांग्रेस के नेता मोहम्मद जावेद, के. सुरेश और मल्लिकार्जुन रवि पेश करेंगे। शुरुआत में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए थे, लेकिन बाद में पार्टी ने विपक्ष के साथ आकर इसका समर्थन करने का फैसला किया। वहीं ओम बिरला ने भी कहा है कि जब तक इस प्रस्ताव का फैसला नहीं हो जाता, तब तक वे सदन की कार्यवाही का संचालन नहीं करेंगे।