ब्रिटेन के अखबार द डेली टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान में हुआ यह हमला लंबे समय की योजना का नतीजा था। बताया गया कि इज़रायल ने इस मिशन को “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” नाम दिया था। दावा है कि इस ऑपरेशन की तैयारी करीब 20 साल तक की गई। इज़रायल की खुफिया एजेंसी की खास यूनिट 8200 ने ईरान के शीर्ष नेतृत्व की सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी। रिपोर्ट के अनुसार, इस यूनिट ने सुरक्षा टीम के फोन टैप किए और कंपाउंड के सीसीटीवी कैमरों तक भी पहुंच बना ली थी। इसी वजह से हमले के समय और स्थान की सटीक जानकारी मिल सकी।
हमले से पहले फैलाया गया भ्रम
रिपोर्ट में बताया गया कि हमले से पहले इज़रायल ने एक रणनीति के तहत भ्रम भी फैलाया। शुक्रवार को खबरें और तस्वीरें जारी की गईं कि इज़रायली सेना के वरिष्ठ अधिकारी शबात की छुट्टी के लिए घर जा रहे हैं। इससे यह संदेश दिया गया कि सप्ताहांत में कोई सैन्य कार्रवाई नहीं होगी। अगर ईरान के जासूस नजर रख रहे हों तो उन्हें भी यही लगे कि खतरा टल गया है। लेकिन असल में कई जनरल भेष बदलकर वापस आ गए और रात करीब तीन बजे तेहरान में मौजूद कंपाउंड के पास पहुंचे। खुफिया यूनिट ने तुरंत गतिविधि पकड़ ली और हमला करने की तैयारी शुरू कर दी।
साइबर अटैक और मिसाइल हमला
सुबह करीब 7:30 बजे इज़रायल के F-15 Eagle फाइटर जेट्स ने उड़ान भरी। इससे पहले एक बड़ा साइबर अटैक भी किया गया। बताया गया कि कंपाउंड के आसपास के करीब 12 मोबाइल टावर बंद कर दिए गए ताकि किसी भी तरह का संपर्क बाहर न हो सके। इसके बाद सुबह 9:40 बजे हमला शुरू हुआ। करीब 30 सटीक मिसाइलें दागी गईं। इनमें सबसे अहम थी ब्लू स्पैरो मिसाइल। इस मिसाइल को इज़रायल की रक्षा कंपनी राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स ने विकसित किया है।
ब्लू स्पैरो मिसाइल की खासियत
ब्लू स्पैरो मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत इसका हमला करने का तरीका है। यह मिसाइल विमान से छोड़े जाने के बाद सीधे लक्ष्य की ओर नहीं जाती, बल्कि पहले ऊपर अंतरिक्ष की ओर बढ़ती है। यह पृथ्वी के वातावरण से बाहर करीब 100 किलोमीटर तक पहुंचकर फिर तेज गति से नीचे गिरती है। इसी वजह से दुश्मन के रडार और एयर डिफेंस को इसे पहचानने के लिए बहुत कम समय मिलता है। इसकी रेंज करीब 2000 किलोमीटर बताई जाती है और वजन लगभग 1.9 टन होता है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसी मिसाइल ने कंपाउंड के गहरे बंकर पर सीधा वार किया, जिससे कई इमारतें तबाह हो गईं और बड़ा नुकसान हुआ।