ईरान के सुप्रीम नेता स्वर्गीय अली हुसैनी खामेनेई के भारत में प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा है कि देश जल्द ही नया सुप्रीम लीडर चुन लेगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए एक तय प्रक्रिया होती है और उसी के अनुसार अगले एक हफ्ते के भीतर नया सुप्रीम लीडर चुना जा सकता है। इलाही ने यह भी साफ कहा कि ईरान किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने कहा कि देश अपने सम्मान और आजादी की रक्षा के लिए लंबी लड़ाई लड़ने को तैयार है।
अमेरिका-इजराइल पर लगाए आरोप
इलाही ने आरोप लगाया कि संयुक्त राज्य अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर हमला किया और यही कारण है कि देश को जवाबी कदम उठाने पड़े। उन्होंने कहा कि इस हमले के बाद ईरान के लोग पहले से ज्यादा एकजुट हो गए हैं। इलाही के मुताबिक किसी भी देश को ऐसी स्थिति नहीं चाहिए होती, लेकिन ईरान को मजबूरी में अपने बचाव के लिए खड़ा होना पड़ा। उन्होंने कहा कि देश अपनी जमीन, सम्मान, नैतिकता और आजादी की रक्षा के लिए हर तरह की कुर्बानी देने को तैयार है।
पड़ोसी देशों को दिया संदेश
इलाही ने कहा कि ईरान किसी भी पड़ोसी देश पर पहले हमला नहीं करेगा। लेकिन अगर किसी ने हमला किया तो जवाब जरूर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा हालात ने क्षेत्र के कई देशों को यह समझा दिया है कि बाहरी ताकतें हमेशा सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकतीं। उनके मुताबिक देशों को अपनी समस्याएं खुद सुलझाने की क्षमता विकसित करनी चाहिए और विदेशी ताकतों पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना चाहिए।
भारत-ईरान रिश्तों पर क्या बोले
इलाही ने भारत और ईरान के संबंधों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रिश्ते बहुत पुराने और मजबूत हैं। उनका कहना था कि भारत और ईरान के बीच सांस्कृतिक, दार्शनिक और आध्यात्मिक संबंध हजारों साल पुराने हैं। इलाही के अनुसार दोनों देशों की दोस्ती करीब 3000 साल पुराने साझा इतिहास पर आधारित है और मौजूदा वैश्विक तनाव के बावजूद यह रिश्ता आगे भी मजबूत बना रहेगा।