कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में साउथ अफ्रीका के विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक ने निराश किया। न्यूजीलैंड के खिलाफ बड़े मैच में उनसे मजबूत शुरुआत की उम्मीद थी। उन्होंने पहले ओवर में शानदार छक्का भी लगाया, जिससे लगा कि वह लंबी पारी खेलेंगे। लेकिन दूसरे ही ओवर में उनका खेल खत्म हो गया। डिकॉक ने ऑफ स्पिनर मैकॉन्की की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की और कैच आउट हो गए। यह विकेट टीम के लिए बड़ा झटका साबित हुआ।
ऑफ स्पिन के सामने फिर सरेंडर
डिकॉक इस टूर्नामेंट में लगातार चौथी बार ऑफ स्पिनर की गेंद पर आउट हुए। न्यूजीलैंड ने उनकी कमजोरी को पहचानते हुए रणनीति बनाई और शुरुआत में ही स्पिन अटैक लगा दिया। बाएं हाथ के बल्लेबाज होने के बावजूद डिकॉक ऑफ स्पिन के खिलाफ सहज नजर नहीं आए। हैरानी की बात यह रही कि वह अपनी कमजोरी जानते हुए भी जोखिम भरा शॉट खेलने चले गए। नतीजा यह हुआ कि वह आसान कैच देकर पवेलियन लौट गए। बड़े मुकाबले में इस तरह का शॉट चयन टीम के लिए नुकसानदेह रहा।
आंकड़े भी दे रहे गवाही
इस टी20 वर्ल्ड कप में डिकॉक ने ऑफ स्पिनर्स के खिलाफ 44 गेंदों में 54 रन बनाए हैं, लेकिन चार बार अपना विकेट भी गंवाया है। उनका औसत सिर्फ 13.5 रहा है, जो उनकी काबिलियत के मुकाबले काफी कम है। इतना ही नहीं, उन्होंने ऑफ स्पिन के खिलाफ 20 डॉट बॉल भी खेली हैं। ये आंकड़े साफ बताते हैं कि स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ वह संघर्ष करते दिखे हैं। सेमीफाइनल जैसे बड़े मंच पर यह कमजोरी फिर सामने आ गई।
ईडन गार्डन्स में खराब रिकॉर्ड
डिकॉक का रिकॉर्ड ईडन गार्डन्स में भी अच्छा नहीं रहा है। इस मैदान पर वह 10 पारियों में सिर्फ 95 रन ही बना सके हैं। उनका स्ट्राइक रेट 110.46 रहा है और सर्वोच्च स्कोर सिर्फ 28 रन है। ऐसे में सेमीफाइनल में उनका फेल होना लगभग तय माना जा रहा था। साफ है कि ऑफ स्पिन और इस मैदान का संयोजन डिकॉक के लिए मुश्किल साबित हुआ। बड़े मैच में उनकी जल्दी विदाई ने साउथ अफ्रीका की उम्मीदों को झटका दिया।