मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया के अहम नेताओं से फोन पर बातचीत की। उन्होंने किंग हमद बिन ईसा अल खलीफा और मोहम्मद बिन सलमान से हालात पर चर्चा की। दोनों देशों पर हुए ईरानी हमलों की निंदा करते हुए उन्होंने क्षेत्रीय स्थिरता और शांति पर जोर दिया। यह बातचीत ऐसे समय हुई जब पश्चिम एशिया में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता
बहरीन और सऊदी अरब में लाखों भारतीय काम करते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा भारत सरकार की प्राथमिकता है। पीएम मोदी ने दोनों नेताओं से वहां रहने वाले भारतीयों की स्थिति की जानकारी ली और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया। लगातार हो रहे हमलों के कारण प्रवासी भारतीयों में डर और अनिश्चितता बढ़ गई है। भारत सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
यूएई से भी पहले हो चुकी बातचीत
इससे पहले पीएम मोदी ने शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी फोन पर बात की थी। उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात पर हुए हमलों की निंदा की और जानमाल के नुकसान पर दुख जताया। भारत ने यूएई के साथ एकजुटता जताते हुए वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता व्यक्त की। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत लगातार कूटनीतिक संपर्क बनाए हुए है।
हमलों के बाद भड़का बड़ा क्षेत्रीय संकट
तनाव की शुरुआत तब हुई जब अमेरिका और इजराइल ने संयुक्त हमलों में ईरान को निशाना बनाया। इन हमलों में अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई वरिष्ठ हस्तियों की मौत की खबर सामने आई। इसके बाद ईरान ने कई देशों पर जवाबी हमले किए, जिससे पूरा खाड़ी क्षेत्र तनाव की चपेट में आ गया। क्षेत्रीय संघर्ष के फैलने की आशंका लगातार बनी हुई है।