शरीर में दर्द आजकल बहुत आम समस्या बन गया है. कई लोग इसे थकान, बढ़ती उम्र या सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन जब दर्द बार-बार होने लगे या लंबे समय तक बना रहे, तो यह शरीर का संकेत भी हो सकता है कि कुछ गड़बड़ है. दर्द सिर, गर्दन, पीठ, कमर, हाथ-पैर या जोड़ों में कहीं भी महसूस हो सकता है. कई बार जांच में हड्डियों या विटामिन की कमी नहीं मिलती, फिर भी दर्द बना रहता है. ऐसे में जरूरी है कि दर्द को समझा जाए, क्योंकि यह सिर्फ शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक थकान और नींद की परेशानी का कारण भी बन सकता है.
डॉक्टर क्या बताते हैं इसके कारण
डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में मेडिसिन विभाग के निदेशक प्रोफेसर डॉ. सुभाष गिरि के अनुसार शरीर में दर्द के कई कारण हो सकते हैं. ज्यादा मेहनत, मांसपेशियों में तनाव या लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे या खड़े रहने से दर्द शुरू हो सकता है. गलत तरीके से वजन उठाना या अचानक झुकना भी मांसपेशियों में खिंचाव पैदा करता है. मानसिक तनाव, चिंता और नींद की कमी भी दर्द को बढ़ा देते हैं. महिलाओं में हार्मोनल बदलाव, पीरियड्स, मौसम में बदलाव या ठंड-नमी भी शरीर को प्रभावित करते हैं. यानी दर्द हमेशा किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता, लेकिन इसे नजरअंदाज करना भी सही नहीं.
कैसे पहचानें दर्द के सामान्य लक्षण
शरीर में दर्द के लक्षण हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं. आमतौर पर मांसपेशियों में जकड़न, भारीपन या खिंचाव महसूस होता है. कुछ लोगों को झनझनाहट, सूजन या हल्का दबाव जैसा दर्द भी महसूस हो सकता है. हाथ-पैर हिलाने, चलने या झुकने में परेशानी होना भी सामान्य संकेत है. लगातार थकान, कमजोरी या नींद पूरी न होना भी दर्द से जुड़ा हो सकता है. कई बार दर्द धीरे-धीरे शुरू होता है और दिनभर बढ़ता जाता है. अगर यह बार-बार हो या लंबे समय तक बना रहे, तो इसे सामान्य समझकर टालना सही नहीं.
दर्द से राहत के आसान उपाय
शरीर में दर्द से बचने के लिए रोज हल्की एक्सरसाइज और स्ट्रेचिंग करना बेहद जरूरी है. सही मुद्रा में बैठना, चलना और काम करना मांसपेशियों पर दबाव कम करता है. पर्याप्त नींद लेना और संतुलित आहार शरीर को मजबूत बनाता है. लंबे समय तक एक जगह बैठने के बजाय बीच-बीच में उठकर चलना चाहिए. योग, ध्यान और गहरी सांस लेने से तनाव कम होता है, जिससे दर्द भी घटता है. पर्याप्त पानी पीना शरीर को हाइड्रेट रखता है और मांसपेशियों को रिलैक्स करता है. छोटी-छोटी स्वस्थ आदतें अपनाकर लंबे समय तक दर्द से राहत पाई जा सकती है.