सुपर 8 में पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए अगला मुकाबला बेहद अहम है, जहां उसे इंग्लैंड क्रिकेट टीम से भिड़ना है। यह मैच पल्लेकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। हालात ऐसे हैं कि अगर पाकिस्तान यह मैच हार गया, तो उसका सेमीफाइनल में पहुंचने का सपना लगभग खत्म हो जाएगा। सुपर 8 में उसका पहला मैच बारिश की वजह से रद्द हो चुका है, जिससे अंक तालिका में उसकी स्थिति कमजोर हो गई है। अब यह मुकाबला उसके लिए करो या मरो जैसा बन गया है।
आईसीसी के फैसले से बढ़ी मुश्किल
पाकिस्तान की चिंता सिर्फ मुकाबले की अहमियत नहीं, बल्कि पिच को लेकर भी है। खबर है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने इस मैच के लिए ताजा पिच तैयार करने का फैसला किया है। नई या ताजा पिच का मतलब है ज्यादा उछाल और स्विंग, जिससे तेज गेंदबाजों को मदद मिलेगी। यह फैसला पाकिस्तान के लिए परेशानी बन सकता है, क्योंकि टीम की रणनीति और ताकत अलग तरह की परिस्थितियों पर ज्यादा निर्भर रहती है। अगर पिच तेज गेंदबाजों के अनुकूल रही, तो मैच का संतुलन इंग्लैंड की तरफ झुक सकता है।
इंग्लैंड को मिलेगा बड़ा फायदा
इंग्लैंड के खिलाड़ी तेज और उछाल भरी पिचों पर खेलने के आदी माने जाते हैं। उनके तेज गेंदबाज ऐसी परिस्थितियों में ज्यादा खतरनाक साबित होते हैं, जबकि बल्लेबाज भी स्विंग और बाउंस को बेहतर तरीके से संभाल लेते हैं। इसके उलट पाकिस्तान की गेंदबाजी में स्पिन अहम भूमिका निभाती है। अगर पिच स्पिन के बजाय तेज गेंदबाजों को मदद देगी, तो पाकिस्तानी गेंदबाजों की धार कम हो सकती है। साथ ही बल्लेबाजों के लिए भी अतिरिक्त उछाल और स्विंग संभालना मुश्किल हो सकता है, जिससे मैच में दबाव बढ़ सकता है।
स्पिन ताकत बेअसर पड़ने का डर
मौजूदा टूर्नामेंट में पाकिस्तान की असली ताकत उसके स्पिन गेंदबाज रहे हैं, जिन्होंने टीम को कई मौकों पर मजबूती दी है। लेकिन अगर पिच स्पिन के अनुकूल नहीं रही, तो यह ताकत कमजोर पड़ सकती है। यही वजह है कि यह मुकाबला पाकिस्तान के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। हार की स्थिति में सेमीफाइनल की उम्मीद लगभग खत्म हो जाएगी, क्योंकि आखिरी मैच जीतने पर भी अंक तालिका में फायदा नहीं मिलेगा। यानी एक पिच का फैसला पूरे अभियान का भविष्य तय कर सकता है।