ज्योतिष शास्त्र में समय-समय पर बनने वाले शुभ और अशुभ योगों का विशेष महत्व बताया गया है। इन्हीं में से एक अशुभ योग है ज्वालामुखी योग, जिसे बेहद प्रभावशाली और नकारात्मक फल देने वाला माना जाता है। मान्यता है कि इस योग के दौरान किए गए शुभ कार्यों में बाधाएं आती हैं या उनका परिणाम अच्छा नहीं मिलता। इसलिए इस समय किसी भी नए या मांगलिक काम की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है।
फरवरी में कब बनेगा पहला योग
साल 2026 का पहला ज्वालामुखी योग फरवरी में बन रहा है और खास बात यह है कि यह लगातार दो दिन रहेगा। पहला योग 24 फरवरी को बनेगा। इस दिन अष्टमी तिथि और कृतिका नक्षत्र के संयोग से ज्वालामुखी योग सुबह 7 बजकर 01 मिनट से शुरू होकर दोपहर 3 बजकर 07 मिनट तक रहेगा। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार यह समय शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता, इसलिए इस दौरान सावधानी बरतना जरूरी है।
दूसरा योग कब और कितने समय
दूसरा ज्वालामुखी योग 25 फरवरी को बनेगा। यह नवमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र के संयोग से बन रहा है। इस दिन यह योग सुबह 4 बजकर 51 मिनट से शुरू होकर दोपहर 1 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। यानी लगातार दो दिन सुबह से दोपहर तक अशुभ समय रहेगा। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस दौरान कोई भी नया काम शुरू करना टालना बेहतर माना जाता है।
इन कामों से जरूर करें परहेज
ज्वालामुखी योग के समय विवाह, सगाई, गृह प्रवेश या उपनयन जैसे मांगलिक कार्य नहीं करने चाहिए। नए व्यापार या किसी बड़े काम की शुरुआत भी टालनी चाहिए। मकान, दुकान, वाहन या किसी संपत्ति की खरीदारी करना भी शुभ नहीं माना जाता। इसके अलावा नए घर के निर्माण की शुरुआत भी इस समय नहीं करनी चाहिए। मान्यता है कि इस योग में किए गए कामों में बाधाएं या नुकसान हो सकता है, इसलिए सावधानी बरतना ही बेहतर माना जाता है।