डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि वह ग्लोबल टैरिफ दर को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत तक ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि कई देश दशकों से अमेरिका के साथ असंतुलित व्यापार कर रहे हैं और अब इसे ठीक करने का समय आ गया है। ट्रंप के मुताबिक, यह फैसला तुरंत लागू किया जाएगा और आने वाले महीनों में नई टैरिफ नीतियां भी जारी की जाएंगी। उनका कहना है कि यह कदम अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और व्यापार संतुलन सुधारने के लिए जरूरी है।
सुप्रीम कोर्ट ने पहले दिया बड़ा झटका
इससे पहले यूएस सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के बड़े ग्लोबल टैरिफ को रद्द कर दिया था। अदालत ने 6-3 के फैसले में कहा कि राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय आपातकाल से जुड़े कानून का इस्तेमाल कर टैरिफ लगाने में अपनी शक्तियों से आगे कदम बढ़ाया। कोर्ट के अनुसार, ऐसे व्यापक व्यापारिक टैरिफ लगाने के लिए इस तरह के कानून का इस्तेमाल उचित नहीं था। इस फैसले को ट्रंप प्रशासन के लिए बड़ा कानूनी झटका माना गया।
नया कानूनी रास्ता अपनाने की तैयारी
कोर्ट के फैसले के कुछ ही घंटों बाद ट्रंप ने दूसरे कानूनी प्रावधानों के तहत लगभग सभी आयातित सामान पर 10 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर इसे 15 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है। ट्रंप का दावा है कि अदालत के फैसले ने उनके अधिकार कम नहीं किए, बल्कि यह साफ कर दिया कि राष्ट्रपति व्यापार को नियंत्रित करने के लिए अन्य कानूनी रास्ते भी अपना सकते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि आगे और सख्त कदम भी उठाए जा सकते हैं।
अमेरिका को मजबूत बनाने का दावा
ट्रंप ने कहा कि नई टैरिफ नीति से अमेरिका को ज्यादा राजस्व मिलेगा और देश की आर्थिक ताकत बढ़ेगी। उन्होंने साफ किया कि प्रशासन नए और कानूनी तौर पर मंजूर टैरिफ ढांचे तैयार कर रहा है। उनका कहना है कि यह प्रक्रिया संयुक्त राज्य अमेरिका को आर्थिक रूप से और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। कुल मिलाकर, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वह सख्त व्यापार नीति जारी रखने वाले हैं।