चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी है। जिन राज्यों में प्रक्रिया पूरी हो चुकी है उनमें गुजरात, छत्तीसगढ़, गोवा, केरल, मध्य प्रदेश और राजस्थान शामिल हैं। साथ ही अंडमान और निकोबार आइलैंड्स में भी फाइनल वोटर रोल जारी कर दिया गया है। अब 12 राज्यों में से सिर्फ तीन की लिस्ट आना बाकी है।
सबसे ज्यादा नाम गुजरात में कटे
रिवीजन के दौरान सबसे बड़ा बदलाव गुजरात में देखने को मिला, जहां 68 लाख से ज्यादा वोटरों के नाम हटाए गए। इससे कुल मतदाता संख्या में करीब 13.40% की कमी दर्ज हुई। मध्य प्रदेश में भी 34 लाख से अधिक नाम हटे, जबकि राजस्थान में 31 लाख से ज्यादा वोटर सूची से बाहर हुए। छत्तीसगढ़ में करीब 25 लाख मतदाताओं के नाम हटे। वहीं केरल और गोवा में भी हजारों से लेकर लाखों तक नाम कम हुए। यह दिखाता है कि कई राज्यों में वोटर डेटा में बड़े पैमाने पर सफाई हुई है।
केंद्रशासित प्रदेशों में भी बदलाव
केंद्रशासित प्रदेशों में भी मतदाता संख्या में गिरावट दर्ज की गई। अंडमान और निकोबार आइलैंड्स के अलावा पुडुचेरी और लक्षद्वीप में भी नाम कम हुए। अधिकारियों के मुताबिक, हटाए गए नामों में मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित, डुप्लीकेट रजिस्ट्रेशन या अयोग्य पाए गए मतदाता शामिल हैं। हालांकि, योग्य नागरिक अभी भी नाम जोड़ने, हटाने या सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं क्योंकि वोटर रोल अपडेट एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है।
बाकी राज्यों की लिस्ट जल्द
अभी तीन राज्यों की फाइनल वोटर लिस्ट आना बाकी है, जिनमें पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु शामिल हैं। इनका डेटा इसी महीने के अंत तक जारी होने की उम्मीद है। SIR प्रक्रिया 27 अक्टूबर 2025 से शुरू हुई थी और करीब 51 करोड़ मतदाताओं को कवर किया गया। चुनाव आयोग अब अगले चरण की तैयारी कर रहा है, जो अप्रैल से शुरू होगा और देशभर में वोटर रोल वेरिफिकेशन अभियान को आगे बढ़ाएगा।