अक्सर लोग गुस्से को सिर्फ एक भावनात्मक प्रतिक्रिया मानते हैं, लेकिन यह दिल की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। जॉन्स हॉपकिंस विश्वविद्यालय की रिसर्च के अनुसार, अचानक गुस्सा आने के बाद दो घंटों के भीतर हार्ट अटैक का खतरा लगभग 5 गुना तक बढ़ सकता है। रिसर्च में यह भी सामने आया कि जितनी बार और जितना ज्यादा गुस्सा आता है, दिल के लिए जोखिम उतना ही बढ़ जाता है। खास बात यह है कि जिन लोगों को पहले से कोई हार्ट बीमारी नहीं होती, उनमें भी गुस्से के कारण अटैक का खतरा बढ़ सकता है।
गुस्से से शरीर में क्या होता है
जब किसी को अचानक गुस्सा आता है, तो शरीर में स्ट्रेस हार्मोन तेजी से बढ़ने लगते हैं। इससे ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ जाता है और दिल पर दबाव बढ़ता है। यही स्थिति हार्ट अटैक का कारण बन सकती है। विशेषज्ञ डॉ. इलान विटस्टीन के अनुसार, तेज गुस्से के दौरान शरीर पर इतना तनाव पड़ सकता है कि दिल की मांसपेशियां अस्थायी रूप से कमजोर हो जाती हैं, जिससे अचानक अटैक का खतरा पैदा हो सकता है। यह खतरा पुरुषों में अधिक देखा गया है।
लंबे समय तक चली रिसर्च का निष्कर्ष
जॉन्स हॉपकिंस मेडिसिन की रिसर्च में 1300 से ज्यादा पुरुषों को लगभग 30 साल तक ट्रैक किया गया। जिन लोगों को अक्सर गुस्सा आता था, उनमें हार्ट डिजीज और हार्ट अटैक के मामले ज्यादा पाए गए। वहीं जिन लोगों का स्वभाव शांत था, उनमें जोखिम कम देखा गया। रिसर्च में यह भी सामने आया कि ज्यादा गुस्सा करने वालों में बिना किसी गंभीर बीमारी के भी हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ सकता है। यानी गुस्सा भी हाई कोलेस्ट्रॉल या फैमिली हिस्ट्री जितना बड़ा रिस्क फैक्टर बन सकता है।
दिल को सुरक्षित रखने के आसान उपाय
अगर आपको जल्दी गुस्सा आता है तो इसे कंट्रोल करना बेहद जरूरी है। नियमित योग और ध्यान तनाव कम करने में मदद करते हैं। गुस्सा आने पर तुरंत प्रतिक्रिया देने से बचें और खुद को शांत करने की कोशिश करें। जरूरत लगे तो डॉक्टर या काउंसलर से सलाह जरूर लें। लाइफस्टाइल में छोटे बदलाव भी दिल को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं।