China का ‘आर यू डेड?’ ऐप दुनिया में वायरल, अकेलेपन का डर बढ़ा, अब भारत को भी पड़ेगी जरूरत!

चीन में एक ऐसा मोबाइल ऐप चर्चा में है जिसका नाम ही लोगों को चौंका देता है- ‘आर यू डेड?’. इसे खास तौर पर उन लोगों के लिए बनाया गया है जो अकेले रहते हैं। ऐप बेहद सरल है। हर दो दिन में यूज़र को सिर्फ एक बटन दबाकर बताना होता है कि वह ठीक है। अगर वह ऐसा नहीं करता, तो ऐप अपने-आप उसके इमरजेंसी कॉन्टैक्ट को संदेश भेज देता है कि जाकर देखो, शायद कुछ गड़बड़ है। इसमें न ट्रैकिंग है, न जटिल सेटिंग, बस सुरक्षा की एक छोटी-सी कोशिश।

क्यों अचानक हो गया वायरल

मई 2025 में लॉन्च हुआ यह ऐप जनवरी में अचानक वायरल हो गया और अब पेड ऐप बन चुका है। लोग पैसे देकर इसे डाउनलोड कर रहे हैं। वजह साफ है कि अकेले रहने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बड़े शहरों में नौकरी या पढ़ाई के लिए लाखों युवा परिवार से दूर रहते हैं। अनुमान है कि 2030 तक करोड़ों लोग अकेले घरों में रहेंगे। हाल ही में शंघाई में एक महिला की मौत कई दिनों तक किसी को पता नहीं चली क्योंकि वह अकेली रहती थी। ऐसे डरावने हालात ने इस ऐप को जरूरत बना दिया।

छोटे परिवार, बड़ा अकेलापन

अकेलेपन की यह स्थिति अचानक नहीं बनी। दशकों तक चले एक-बच्चा नियम की वजह से पूरी पीढ़ी बिना भाई-बहन के बड़ी हुई। आज वही लोग नौकरी के लिए अलग शहरों में रहते हैं, जबकि बुज़ुर्ग माता-पिता पीछे रह जाते हैं। अगर किसी के साथ कुछ हो जाए, तो पता लगने में देर हो सकती है। ऐसा सिर्फ एक देश तक सीमित नहीं है। जापान में तो अकेले मर जाने की घटनाओं के लिए एक अलग शब्द तक प्रचलित है- जहां लोग हफ्तों तक बिना खबर के पड़े रहते हैं। यानी आधुनिक जीवन ने स्वतंत्रता तो दी, पर सुरक्षा की चिंता भी बढ़ा दी।

भारत का अपना ‘देसी सिस्टम’

अब सवाल है- क्या ऐसी जरूरत यहां भी होगी? भारत में भी लोग काम या पढ़ाई के लिए दूर रहने लगे हैं, बुज़ुर्ग अकेले हैं, रिश्ते ढीले पड़ रहे हैं। फिर भी यहां एक अनोखी चीज़ अभी बची हुई है- रोज़ का हाल-चाल। सुबह के गुड मॉर्निंग मैसेज, त्योहारों की शुभकामनाएं, छोटे-छोटे फोन कॉल- ये सब सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा का अनौपचारिक तरीका हैं। हो सकता है यही छोटी-छोटी बातचीत हमें उस दिन से बचाए, जब किसी को सच में पूछना पड़े- “क्या आप ज़िंदा हैं?”

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Author: The Hindi Post