Toll Plaza पर कैश पेमेंट होगा खत्म, 1 अप्रैल 2026 से सिर्फ डिजिटल पेमेंट का प्लान, पूरी तरह बदलने वाला है हाईवे सफर

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया देशभर के नेशनल हाईवे टोल प्लाजा पर नकद भुगतान बंद करने की योजना पर विचार कर रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार, अगर यह फैसला लागू होता है तो टोल पर सिर्फ डिजिटल भुगतान ही स्वीकार किया जाएगा। यानी यात्रियों को अब नकद की बजाय डिजिटल माध्यमों से ही शुल्क देना होगा। यह बदलाव हाईवे टोल सिस्टम को पूरी तरह आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

1 अप्रैल 2026 से लागू हो सकता नियम

अथॉरिटी का लक्ष्य 1 अप्रैल 2026 से यह व्यवस्था लागू करने का है। इसका मकसद देशभर में एक समान डिजिटल टोल सिस्टम तैयार करना है, जिससे भुगतान प्रक्रिया तेज और भरोसेमंद बन सके। इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन पहले से लागू है, लेकिन अब इसे पूरी तरह कैश-फ्री बनाने की योजना है। इससे टोल प्लाजा पर गाड़ियों को रुकने की जरूरत कम होगी, लंबी कतारें घटेंगी और समय की बचत होगी। साथ ही भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और रिकॉर्ड-आधारित बन जाएगी।

तेजी से बढ़ा डिजिटल टोल उपयोग

पिछले कुछ सालों में टोल भुगतान के तरीके में बड़ा बदलाव आया है। अथॉरिटी के अनुसार, डिजिटल टोल टैग का उपयोग 98 प्रतिशत से ज्यादा हो चुका है। ज्यादातर वाहन अब इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के जरिए बिना रुके टोल पार कर लेते हैं। इससे हाईवे पर ट्रैफिक फ्लो बेहतर हुआ है और यात्रा ज्यादा आसान बनी है। यही वजह है कि अब नकद भुगतान पूरी तरह बंद करने का विचार सामने आया है। डिजिटल भुगतान बढ़ने से टोल वसूली अधिक व्यवस्थित और सटीक भी हो गई है।

UPI पेमेंट और अतिरिक्त शुल्क नियम

अब कई टोल प्लाजा पर तुरंत डिजिटल भुगतान की सुविधा भी शुरू हो चुकी है, जिससे लोग आसानी से भुगतान कर सकते हैं। नियमों के अनुसार, अगर कोई वाहन बिना सक्रिय डिजिटल टोल टैग के प्रवेश करता है और नकद भुगतान करता है, तो उससे तय टोल का दोगुना शुल्क लिया जाता है। वहीं डिजिटल विकल्प से भुगतान करने पर अलग दरें लागू हो सकती हैं। इन नियमों का मकसद लोगों को डिजिटल सिस्टम अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। भारत में टोल सिस्टम तेजी से कैश-फ्री मॉडल की ओर बढ़ रहा है।

The Hindi Post
Author: The Hindi Post