हर महीने शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर विनायक गणेश चतुर्थी का व्रत रखा जाता है। इस दिन भगवान गणेश की विशेष पूजा की जाती है, जिन्हें बुद्धि, सुख और समृद्धि के देवता माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन गणेश जी की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन में आने वाले संकट दूर होते हैं और घर में खुशहाली बनी रहती है। व्रत और पूजा से ज्ञान, धन और सफलता की प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है।
फरवरी में व्रत की सही तारीख
फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष चतुर्थी को ढुण्ढिराज चतुर्थी या मनोरथ चतुर्थी भी कहा जाता है। इसका उल्लेख मत्स्यपुराण में भी मिलता है। पंचांग के अनुसार, चतुर्थी तिथि 20 फरवरी को दोपहर 2 बजकर 38 मिनट से शुरू होगी और 21 फरवरी को दोपहर 1 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार व्रत 21 फरवरी 2026 को रखा जाएगा।
पूजा का शुभ मुहूर्त
विनायक चतुर्थी के दिन पूजा के लिए मध्याह्न मुहूर्त सबसे शुभ माना जाता है। इस साल पूजा का शुभ समय सुबह 11 बजकर 42 मिनट से दोपहर 1 बजे तक रहेगा। इसी समय भगवान गणेश की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। श्रद्धा और नियम के साथ इस समय पूजा करने की सलाह दी जाती है।
पूजा विधि और जरूरी नियम
व्रत के दिन सुबह स्नान कर साफ वस्त्र पहनें और पूरे दिन व्रत रखने का संकल्प लें। पूजा के समय गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करें और सिंदूर व 21 दूर्वा अर्पित करें। लड्डू या मोदक का भोग लगाएं और “ॐ गं गणपतयै नमः” मंत्र या गणेश जी के 12 नामों का जप करें। व्रत कथा पढ़कर आरती करें और शाम को भी विधि-विधान से पूजा करें।