ICC Men’s T20 World Cup 2026 में भारतीय क्रिकेट टीम को लगातार दूसरी बार चैंपियन बनने का बड़ा दावेदार माना जा रहा है। क्रिकेट विशेषज्ञों से लेकर फैंस तक, ज्यादातर लोग सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम को टॉप पसंद बता रहे हैं। हालांकि खिताब का फैसला मैदान पर प्रदर्शन से ही होगा, लेकिन टूर्नामेंट की शुरुआत में ही एक ऐसा संयोग बना है जिसने भारतीय फैंस की उम्मीदों को और मजबूत कर दिया है।
जिम्बाब्वे की जीत से बना संयोग
इस संयोग की वजह बनी जिम्बाब्वे राष्ट्रीय क्रिकेट टीम, जिसने ग्रुप मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को 23 रन से हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया। इससे पहले कई छोटी टीमें बड़े उलटफेर के करीब पहुंचकर चूक गई थीं, लेकिन जिम्बाब्वे ने मौका नहीं गंवाया। क्रिकेट इतिहास में यह सिर्फ तीसरी बार है जब जिम्बाब्वे ने किसी वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया को हराया। खास बात यह भी है कि टी20 वर्ल्ड कप में दोनों टीम जब भी भिड़ीं, जीत जिम्बाब्वे को ही मिली।
इतिहास से जुड़ी दिलचस्प कड़ी
यही आंकड़ा भारतीय फैंस के लिए खास बन गया है। जब जिम्बाब्वे ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया को हराया था, उसी साल Cricket World Cup 1983 में भारत ने पहली बार वर्ल्ड कप जीता था। दूसरी बार जिम्बाब्वे की जीत के साल ही ICC Men’s T20 World Cup 2007 में एमएस धोनी की कप्तानी में भारत चैंपियन बना था। अब तीसरी बार ऐसा हुआ है, जिससे यह संयोग चर्चा में है कि क्या इतिहास खुद को फिर दोहराएगा।
मैदान पर प्रदर्शन ही असली कसौटी
हालांकि क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है और संयोग से ट्रॉफी नहीं जीती जाती। भारतीय टीम ने अब तक अपने शुरुआती मैच जीत लिए हैं- पहले मुकाबले में संयुक्त राज्य अमेरिका राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को हराया, फिर नामीबिया राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को मात दी। लेकिन टीम का असली टेस्ट अब 15 फरवरी को पाकिस्तान राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खिलाफ मुकाबले में होगा। अगर टीम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन जारी रखती है, तो यह संयोग इतिहास बन भी सकता है।