सीतापुर में मूर्ति स्थापना दिवस और भव्य भंडारा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाज को बांटने वाली राजनीति पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जाति, भाषा और क्षेत्र के नाम पर लोगों को गुमराह करने वालों से सतर्क रहने की जरूरत है। सीएम योगी ने साफ शब्दों में कहा कि अगर समाज बंटेगा तो उसके गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसे नेताओं के बहकावे में न आएं जो केवल वादों और पहचान के नाम पर समाज को कमजोर करना चाहते हैं।
सनातन और राष्ट्र की मजबूती
सीतापुर के तपोधाम आश्रम में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने सनातन धर्म को लेकर भी महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा कि अगर सनातन कमजोर होगा तो देश भी कमजोर होगा। देश की कमजोरी से सनातन के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सनातन के सामने जाति, क्षेत्र और भाषा का कोई महत्व नहीं होता। इसलिए समाज को बांटने वाले तत्वों को पहचानना और उनसे दूरी बनाकर रखना बेहद जरूरी है।
बांग्लादेश मुद्दे पर सवाल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का जिक्र करते हुए चुप्पी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि रोज खबरें आ रही हैं कि हिंदुओं को मारा जा रहा है, उनके घर जलाए जा रहे हैं, लेकिन इस पर अधिकतर लोग मौन हैं। उन्होंने कहा कि मरने वाले अधिकतर दलित हिंदू हैं, फिर भी मानवाधिकार और अन्य संगठन आवाज नहीं उठा रहे हैं। केवल कुछ हिंदू संगठन और धर्माचार्य ही इस विषय पर बोलते नजर आते हैं।
एकता से ही सुरक्षित भविष्य
सीएम योगी ने कहा कि समाज को जाति और वादों के नाम पर बांटने की कोशिशें लगातार हो रही हैं, लेकिन इनके बहकावे में आने की जरूरत नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि देश के दुश्मन अवसर की तलाश में रहते हैं और समाज के बंटते ही खतरे बढ़ जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश आज सही दिशा में आगे बढ़ रहा है और भारत एक बड़ी वैश्विक ताकत बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने लोगों से एकजुट रहने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की अपील की।