सामुद्रिक शास्त्र एक प्राचीन विद्या है, जिसे ऋषि समुद्र ने प्रचारित किया था। इस शास्त्र में शरीर के अलग-अलग अंगों पर मौजूद तिलों के आधार पर व्यक्ति के स्वभाव, भविष्य और जीवन की दिशा के बारे में संकेत बताए गए हैं। आमतौर पर लोग चेहरे या हाथों पर तिल को महत्व देते हैं, लेकिन पैरों के नाखूनों पर मौजूद तिल भी खास अर्थ रखते हैं। सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, पैरों के नाखूनों पर तिल व्यक्ति के संघर्ष, सफलता, स्वभाव और निजी जीवन से जुड़े कई रहस्य खोलते हैं।
पैर के अंगूठे के नाखून पर तिल
अगर किसी व्यक्ति के पैर के अंगूठे के नाखून पर तिल होता है, तो इसे न तो पूरी तरह शुभ माना जाता है और न ही अशुभ। ऐसे लोग जीवन में मेहनती होते हैं और संघर्ष से पीछे नहीं हटते। इन्हें सफलता आसानी से नहीं मिलती, लेकिन मेहनत का फल जरूर मिलता है। ये लोग धैर्यवान होते हैं और कठिन परिस्थितियों में भी निराश नहीं होते। सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, ऐसे लोगों को सेहत से जुड़ी बड़ी परेशानियां कम होती हैं, लेकिन जीवन में स्थिरता पाने के लिए इन्हें लगातार प्रयास करना पड़ता है।
अंगूठे के पास वाली उंगली का संकेत
जिन लोगों के पैर के अंगूठे के बगल वाली उंगली के नाखून पर तिल होता है, उनमें साहस और आत्मविश्वास भरपूर होता है। ऐसे लोग नेतृत्व क्षमता से भरपूर होते हैं और भीड़ से अलग पहचान बनाते हैं। ये लोग फैसले लेने में मजबूत होते हैं और जिम्मेदारी निभाने से नहीं डरते। हालांकि, करियर के क्षेत्र में इन्हें लंबा संघर्ष करना पड़ सकता है। वहीं, पैर की सबसे बड़ी उंगली के नाखून पर तिल असंतोष और संघर्ष का संकेत देता है, लेकिन ऐसे लोग हार मानने वालों में से नहीं होते और स्वभाव से मिलनसार होते हैं।
अनामिका और छोटी उंगली के नाखून पर तिल
पैर की अनामिका उंगली यानी छोटी उंगली के पास वाली उंगली के नाखून पर तिल होना यात्रा प्रेम का संकेत माना जाता है। ऐसे लोग घूमने-फिरने के शौकीन होते हैं और काफी समझदार भी होते हैं। ये जल्दबाजी में फैसले नहीं लेते। वहीं, सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार पैर की छोटी उंगली के नाखून पर तिल होना शुभ नहीं माना जाता। ऐसे लोगों को जीवन में सफलता देर से मिलती है और प्रेम जीवन में भी उतार-चढ़ाव रहते हैं। इन्हें सच्चा प्यार मिलने में समय लगता है।