Health Tips: हर वक्त थकान और उदासी, कहीं ये डिप्रेशन का संकेत तो नहीं, जानिए लक्षण और बचाव

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर समय थकान महसूस होना, छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ापन या बिना वजह मन उदास रहना आम समझ लिया जाता है। अधिकतर लोग इसे काम का दबाव, नींद की कमी या तनाव मानकर टाल देते हैं। लेकिन जब ये स्थिति लंबे समय तक बनी रहे, तो यह सिर्फ मूड खराब होना नहीं होता। मानसिक थकान धीरे-धीरे सोचने-समझने की क्षमता, काम की गुणवत्ता और रिश्तों पर असर डालने लगती है। बिना किसी कारण उदासी, अकेले रहने की इच्छा या खुद को बेकार समझना डिप्रेशन की शुरुआती चेतावनी हो सकती है।

डिप्रेशन के आम और छिपे लक्षण

डिप्रेशन के लक्षण हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं। लगातार उदासी, निराशा, आत्मविश्वास की कमी, किसी भी काम में मन न लगना इसके सामान्य संकेत हैं। नींद ज्यादा या बहुत कम आना, भूख में बदलाव और हर वक्त थकावट महसूस होना भी इसके लक्षण हो सकते हैं। कुछ लोगों में गुस्सा और चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है, जबकि कुछ खुद को समाज और अपनों से दूर करने लगते हैं। लंबे समय तक ऐसा रहने से व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता भी कमजोर होने लगती है।

डिप्रेशन के पीछे क्या कारण हैं

डिप्रेशन होने के कई कारण हो सकते हैं। लंबे समय तक तनाव में रहना, मानसिक आघात, रिश्तों में समस्या, आर्थिक दबाव या जीवन में किसी बड़े नुकसान का अनुभव इसकी वजह बन सकता है। इसके अलावा हार्मोनल बदलाव या दिमाग में केमिकल असंतुलन भी डिप्रेशन को बढ़ावा देता है। अपनी भावनाओं को दबाकर रखना और लगातार खुद से उम्मीदों का बोझ उठाना इस स्थिति को और गंभीर बना सकता है। कई बार व्यक्ति खुद नहीं समझ पाता कि वह डिप्रेशन से जूझ रहा है।

बचाव और डॉक्टर से मिलने का सही समय

डिप्रेशन से बचाव के लिए सबसे जरूरी है मानसिक सेहत को प्राथमिकता देना। रोजाना अपने लिए थोड़ा समय निकालें, पूरी नींद लें और संतुलित भोजन करें। हल्की एक्सरसाइज, योग और सुबह की सैर मन को शांत रखने में मदद करती है। अपनी भावनाएं किसी भरोसेमंद व्यक्ति से साझा करें और खुद को अकेला न समझें।

अगर उदासी, थकान या चिड़चिड़ापन दो हफ्ते से ज्यादा समय तक बना रहे और काम, पढ़ाई या रिश्तों पर असर डालने लगे, तो डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से जरूर मिलें। समय पर मदद लेने से स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सकता है।

Rishabh Chhabra
Author: Rishabh Chhabra