कैल्शियम शरीर के लिए एक बेहद जरूरी मिनरल है, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। इसके अलावा मांसपेशियों के सही तरीके से काम करने, नसों के संकेतों को सुचारू रखने और दिल की धड़कन को नियंत्रित करने में भी कैल्शियम की जरूरत होती है। शरीर में इसकी कमी होने पर हड्डियां कमजोर होने लगती हैं, जिससे फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों में ऐंठन, थकान और दांतों की कमजोरी जैसी समस्याएं भी कैल्शियम की कमी के संकेत हो सकते हैं।
कमी से बढ़ता है खतरा
अगर लंबे समय तक शरीर में कैल्शियम की कमी बनी रहे, तो ऑस्टियोपोरोसिस जैसी गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ सकता है। इस स्थिति में हड्डियां अंदर से खोखली और कमजोर हो जाती हैं। बच्चों में कैल्शियम की कमी से हड्डियों का सही विकास नहीं हो पाता, जबकि बुजुर्गों में गिरने पर हड्डी टूटने की आशंका ज्यादा रहती है। इसलिए सिर्फ दवाइयों पर निर्भर रहने के बजाय रोजाना की डाइट से कैल्शियम की जरूरत पूरी करना बेहद जरूरी है।
पालक है सबसे बेहतर सब्जी
आरएमएल हॉस्पिटल के मेडिसिन विभाग के डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. सुभाष गिरि के अनुसार, कैल्शियम की कमी को दूर करने के लिए पालक एक बेहतरीन सब्जी है। पालक में अच्छी मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है। इसके साथ ही इसमें आयरन, मैग्नीशियम और विटामिन K भी होते हैं, जो शरीर में कैल्शियम के अवशोषण को बेहतर बनाते हैं। पालक का नियमित सेवन मांसपेशियों की कमजोरी कम करने और हड्डियों की मजबूती बनाए रखने में सहायक होता है।
डाइट में और क्या जोड़ें
कैल्शियम की पूर्ति के लिए सिर्फ पालक ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य चीजों को भी डाइट में शामिल करना चाहिए। दूध, दही और पनीर कैल्शियम के अच्छे स्रोत हैं। तिल, बादाम, चना और सोया प्रोडक्ट्स भी हड्डियों के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। साथ ही कैल्शियम के सही अवशोषण के लिए विटामिन D जरूरी है, इसलिए रोज थोड़ी देर धूप में जरूर बैठें। संतुलित और पौष्टिक डाइट अपनाकर कैल्शियम की कमी से जुड़ी कई समस्याओं से बचा जा सकता है।