Bengal में निपाह वायरस की दस्तक, दो मरीज गंभीर, दिमाग पर सीधा हमला करने वाला खतरनाक संक्रमण

पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है. दोनों मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने नेशनल जॉइंट आउटब्रेक रिस्पांस टीम को राज्य में भेजा है. निपाह वायरस के केस सामने आने के बाद सिर्फ बंगाल ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह वायरस बेहद खतरनाक है, इसलिए इसके बारे में सही जानकारी और सावधानी जरूरी है.

निपाह वायरस क्या है और कैसे फैलता है

एक्सपर्ट्स के मुताबिक निपाह वायरस मुख्य रूप से फल खाने वाले चमगादड़ों में पाया जाता है. यही चमगादड़ इस वायरस के प्राकृतिक वाहक होते हैं. जब कोई संक्रमित चमगादड़ फल या किसी खाने की चीज को काटता है और वही फल इंसान खा लेता है, तो संक्रमण फैल सकता है. इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से भी यह वायरस दूसरे इंसान तक पहुंच सकता है. हालांकि इंसान से इंसान में फैलने की रफ्तार तेज नहीं होती, लेकिन खतरा पूरी तरह बना रहता है.

कितना खतरनाक है निपाह वायरस

लेडी हार्डिंग हॉस्पिटल के मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. घोटेकर के अनुसार निपाह वायरस बेहद जानलेवा हो सकता है. इसकी मृत्यु दर 40 से 75 प्रतिशत तक बताई जाती है. यह वायरस तेजी से दिमाग पर असर डालता है और मरीज को एन्सेफेलाइटिस यानी दिमाग की सूजन हो सकती है. गंभीर मामलों में मरीज कोमा में चला जाता है, जिसके बाद जान बचाना मुश्किल हो जाता है. सबसे बड़ी चिंता यह है कि फिलहाल इस वायरस की न तो कोई दवा है और न ही वैक्सीन, इसलिए बचाव ही एकमात्र उपाय है.

लक्षण पहचानें और बचाव अपनाएं

निपाह वायरस के शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी, चक्कर, गले में दर्द और बेहोशी शामिल हैं. लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना बेहद जरूरी है. बचाव के लिए कटे या खुले फल खाने से बचें, संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाकर रखें और मास्क का इस्तेमाल करें. जिन इलाकों में निपाह के मामले सामने आए हैं, वहां जाने से बचना चाहिए. समय पर सतर्कता और सावधानी ही इस खतरनाक वायरस से बचने का सबसे असरदार तरीका है.

Rishabh Chhabra
Author: Rishabh Chhabra