क्रोएशिया की राजधानी जाग्रेब में स्थित भारतीय दूतावास पर हुए हमले की भारत ने कड़ी निंदा की है. विदेश मंत्रालय ने इसे गंभीर और शर्मनाक घटना बताया है. जानकारी के मुताबिक, कुछ भारत विरोधी तत्वों ने दूतावास के बाहर लगे भारतीय तिरंगे को हटाकर वहां अपना झंडा लगा दिया. यह घटना न सिर्फ भारत की संप्रभुता पर हमला मानी जा रही है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय नियमों का भी खुला उल्लंघन है. भारत सरकार ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया है और तुरंत क्रोएशियाई अधिकारियों के सामने विरोध दर्ज कराया है.
खालिस्तानी हरकत पर कड़ा ऐतराज
विदेश मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा है कि दूतावास परिसर में इस तरह की हरकत घिनौनी, गैरकानूनी और अस्वीकार्य है. भारत ने आरोप लगाया है कि यह काम भारत विरोधी और खालिस्तानी विचारधारा से जुड़े लोगों ने किया. मंत्रालय का कहना है कि इस तरह की घटनाएं चरमपंथी सोच और हिंसक मानसिकता को उजागर करती हैं. भारत ने क्रोएशिया से मांग की है कि वह इस मामले की गहराई से जांच करे और यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति न हो.
वियना कन्वेंशन का हवाला
भारत ने इस मामले में ‘वियना कन्वेंशन ऑन डिप्लोमैटिक रिलेशंस’ का स्पष्ट हवाला दिया है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत किसी भी देश में स्थित विदेशी दूतावास की सुरक्षा करना मेजबान देश की जिम्मेदारी होती है. दूतावास की गरिमा, सुरक्षा और सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जा सकता. भारत ने क्रोएशिया को याद दिलाया कि राजनयिक परिसरों में किसी भी तरह का बाहरी हस्तक्षेप अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है. इसी आधार पर भारत ने कड़ा विरोध जताया है.
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
नई दिल्ली ने क्रोएशियाई सरकार से मांग की है कि इस घटना के जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. विदेश मंत्रालय ने कहा कि ऐसी घटनाएं यह दिखाती हैं कि चरमपंथी समूह कितने खतरनाक हो सकते हैं और इन पर नजर रखना जरूरी है. भारत ने उम्मीद जताई है कि क्रोएशिया सरकार दूतावास की सुरक्षा बढ़ाएगी और भविष्य में भारतीय मिशन की सुरक्षा को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी. भारत ने साफ किया है कि वह अपने राजनयिक मिशनों की सुरक्षा से जुड़े मामलों पर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा.