सर्दियों का मौसम आते ही बाजार में लाल, ताजी और मीठी गाजर खूब नजर आने लगती है. इस मौसम में गाजर न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन होती है, बल्कि सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं मानी जाती. गाजर में विटामिन A, विटामिन C, फाइबर और कई जरूरी एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं. लोग इसे कच्चा, सलाद में, जूस के रूप में या फिर स्वादिष्ट हलवे में खाना पसंद करते हैं. रोजाना सीमित मात्रा में गाजर खाने से शरीर को कई पोषक तत्व मिलते हैं, जो ठंड में होने वाली बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं.
इम्युनिटी और आंखों के लिए फायदेमंद
सर्दियों में सर्दी, खांसी और वायरल संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है. गाजर में मौजूद विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं. इससे शरीर मजबूत बनता है और जल्दी बीमार नहीं पड़ता. इसके अलावा, गाजर आंखों के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है. इसमें पाया जाने वाला बीटा-कैरोटीन शरीर में जाकर विटामिन A में बदल जाता है, जो आंखों की रोशनी को तेज करता है. सर्दियों में आंखों में सूखापन और जलन की समस्या आम होती है, जिसे गाजर नियमित रूप से खाने से कम किया जा सकता है.
स्किन और पाचन को रखे दुरुस्त
ठंड के मौसम में त्वचा अक्सर रूखी और बेजान हो जाती है. गाजर में मौजूद विटामिन A और एंटीऑक्सीडेंट स्किन को अंदर से पोषण देते हैं, जिससे स्किन मुलायम, चमकदार और हेल्दी बनी रहती है. इसके साथ ही, गाजर पाचन तंत्र के लिए भी बहुत लाभकारी होती है. सर्दियों में पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है और कब्ज की समस्या बढ़ जाती है. गाजर में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है, जो पेट को साफ रखता है और पाचन को सुधारता है. रोजाना गाजर खाने से पेट से जुड़ी कई परेशानियों से राहत मिलती है.
दिल, वजन और ठंड से सुरक्षा
गाजर दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है. इसमें मौजूद पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखते हैं. इससे दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम होता है. सर्दियों में वजन बढ़ना भी एक आम समस्या है, लेकिन गाजर में कैलोरी कम और फाइबर ज्यादा होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और बार-बार भूख नहीं लगती. साथ ही, गाजर की तासीर गर्म होती है, जिससे शरीर अंदर से गर्म रहता है और ठंड से बचाव होता है.