Oscar की दहलीज़ पर भारतीय सिनेमा! होम्बले फ़िल्म्स की दो ब्लॉकबस्टर फ़िल्मों ने रच दिया नया इतिहास

भारतीय सिनेमा के लिए यह एक बेहद गर्व का क्षण है। मशहूर प्रोडक्शन हाउस होम्बले फ़िल्म्स ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वह सिर्फ़ देश में ही नहीं, बल्कि ग्लोबल लेवल पर भी अपनी अलग पहचान बना चुका है। साल 2025 में रिलीज़ हुई इसकी दो बड़ी फ़िल्में- महावतार नरसिम्हा और कांतारा: चैप्टर 1 को ऑस्कर की जनरल एंट्री लिस्ट में शामिल किया गया है। यह लिस्ट ऑस्कर की पहली अहम सीढ़ी मानी जाती है, जहां से फ़िल्मों का सफ़र शॉर्टलिस्टिंग और फिर नॉमिनेशन की ओर बढ़ता है। इस उपलब्धि ने भारतीय सिनेमा को एक बार फिर इंटरनेशनल मैप पर मजबूती से खड़ा कर दिया है।

दमदार कहानियों की जीत

कांतारा: चैप्टर 1 का निर्देशन ऋषभ शेट्टी ने किया है और इसे विजय किरागंदूर ने प्रोड्यूस किया है। वहीं, महावतार नरसिम्हा का निर्देशन अश्विन कुमार ने किया है और इसे होम्बले फ़िल्म्स ने प्रस्तुत किया है। दोनों ही फ़िल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया और दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। इनकी कहानियों में भारतीय संस्कृति, परंपराओं और गहराई से जुड़े भावनात्मक पहलुओं को बेहद प्रभावशाली ढंग से दिखाया गया है। शानदार विजुअल्स, दमदार म्यूज़िक और मजबूत स्क्रिप्ट ने इन्हें अलग पहचान दी।

ऑस्कर रेस में आगे क्या?

जनरल एंट्री लिस्ट में शामिल होने के बाद अब इन फ़िल्मों पर कई बड़ी कैटेगरी में विचार किया जाएगा। इनमें बेस्ट एक्टर, बेस्ट एक्ट्रेस, बेस्ट डायरेक्टर, बेस्ट प्रोड्यूसर, बेस्ट स्टोरी/राइटिंग, बेस्ट प्रोडक्शन डिज़ाइन और बेस्ट सिनेमैटोग्राफी जैसी अहम कैटेगरी शामिल हैं। हालांकि, अगला कदम शॉर्टलिस्टिंग का होगा, जिसका फैसला ऑस्कर अकादमी करेगी। अगर ये फ़िल्में वहां तक पहुंचती हैं, तो यह भारतीय सिनेमा के लिए ऐतिहासिक पल बन सकता है।

भारतीय सिनेमा की नई पहचान

खास बात यह है कि इस साल ऑस्कर की जनरल एंट्री लिस्ट में शामिल कुल पांच भारतीय फ़िल्मों में से दो होम्बले फ़िल्म्स की हैं। यह दिखाता है कि यह प्रोडक्शन हाउस लगातार क्वालिटी कंटेंट पर फोकस कर रहा है और क्रिएटिव सीमाओं को तोड़ रहा है। होम्बले फ़िल्म्स न सिर्फ़ एंटरटेनमेंट दे रहा है, बल्कि भारतीय संस्कृति और कहानियों को ग्लोबल लेवल पर मजबूती से पेश कर रहा है। यह उपलब्धि सिर्फ़ होम्बले फ़िल्म्स के लिए नहीं, बल्कि पूरे भारतीय सिनेमा के लिए गर्व का पल है।

Rishabh Chhabra
Author: Rishabh Chhabra