ब्रेड, वाइन और प्रोसेस्ड मीट जैसे फूड हमारी रोज़मर्रा की डाइट का हिस्सा बन चुके हैं। खासतौर पर ब्रेकफास्ट में ब्रेड लगभग हर घर में खाई जाती है। लेकिन हाल की फ्रांस की दो रिसर्च स्टडी ने इन फूड आइटम्स को लेकर बड़ा खुलासा किया है। एक न्यूज चैनल और मेडिकल जर्नल The BMJ में प्रकाशित इन स्टडीज़ के मुताबिक, इन चीजों में मौजूद कुछ प्रिज़र्वेटिव्स कैंसर के खतरे को बढ़ा सकते हैं। रिसर्च में 1.7 लाख से ज्यादा लोगों की डाइट का विश्लेषण किया गया, जिससे पता चला कि लंबे समय तक इन फूड्स का सेवन शरीर में कैंसर सेल्स के विकास को बढ़ावा दे सकता है।
प्रिज़र्वेटिव्स जो बन सकते हैं जानलेवा
इन रिसर्च में कुल 58 प्रिज़र्वेटिव्स को टेस्ट किया गया, जिनमें से 6 को कैंसर से जुड़ा पाया गया। हैरानी की बात यह है कि अमेरिका की FDA इन प्रिज़र्वेटिव्स को सुरक्षित मानती है, लेकिन नई स्टडी में इन्हें खतरनाक बताया गया है। इनमें Sodium Nitrite, Potassium Nitrate, Sorbates, Potassium Sorbate, Potassium Metabisulfite और Acetic Acid शामिल हैं। ये केमिकल्स फूड को लंबे समय तक फ्रेश रखने के लिए डाले जाते हैं, लेकिन शरीर में जाकर ये ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ा सकते हैं और कैंसर सेल्स की ग्रोथ को तेज कर सकते हैं।
कौन सा प्रिज़र्वेटिव, कौन सा कैंसर?
रिसर्च के मुताबिक Sodium Nitrite सबसे ज्यादा खतरनाक माना गया है, जो बेकन, हैम और डेली मीट में पाया जाता है। इससे प्रोस्टेट कैंसर का खतरा 32% तक बढ़ सकता है। वहीं Potassium Nitrate ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क 22% और सभी तरह के कैंसर का खतरा 13% तक बढ़ा सकता है। ब्रेड में इस्तेमाल होने वाला Potassium Sorbate ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम 32% तक बढ़ा सकता है। वाइन में डाला जाने वाला Potassium Metabisulfite भी ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को 22% तक बढ़ाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन भी लंबे समय से प्रोसेस्ड फूड को कैंसर से जोड़ता रहा है।
कितना खाना सुरक्षित है?
रिसर्च का कहना है कि इन फूड्स को कभी-कभार खाना उतना खतरनाक नहीं है, लेकिन लंबे समय तक रोज़ाना सेवन से जोखिम बढ़ सकता है। वैज्ञानिक डॉ. मैथिल्ड टुवियर के अनुसार, इन प्रिज़र्वेटिव्स से शरीर में सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है, जो कैंसर का कारण बन सकता है। बेहतर यही है कि लोग ताजे, घर के बने और कम प्रोसेस्ड फूड को अपनी डाइट में शामिल करें। लेबल पढ़ने की आदत डालें और ऐसे प्रोडक्ट्स से बचें जिनमें ज्यादा केमिकल्स और प्रिज़र्वेटिव्स हों। सेहतमंद विकल्प ही लंबे समय तक सुरक्षित रहने का सबसे अच्छा तरीका है।