बांग्लादेश में जारी हिंसा और अशांति के बीच हिंदू समुदाय पर हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला जसोर जिले के मोनिरामपुर इलाके से सामने आया है, जहां राणा प्रताप वैरागी नामक एक हिंदू युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि कुछ अज्ञात लोगों ने राणा प्रताप को निशाना बनाया और मौके पर ही उसकी जान ले ली। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। हैरानी की बात यह है कि अब तक पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और हत्या के पीछे की वजह भी साफ नहीं हो पाई है।
18 दिनों में पांचवीं हत्या से बढ़ा डर
राणा प्रताप वैरागी की हत्या बीते 18 दिनों में हिंदू समुदाय के खिलाफ हुई पांचवीं हत्या बताई जा रही है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कट्टरपंथी तत्व खुलेआम हिंदुओं को निशाना बना रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही। एक के बाद एक हो रही हत्याओं से हिंदू परिवारों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
कारोबारी चंद्र दास पर पेट्रोल डालकर हमला
इससे पहले गुरुवार को एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई थी। अज्ञात बदमाशों ने हिंदू कारोबारी चंद्र दास पर जानलेवा हमला किया। चंद्र दास जब दुकान बंद कर ऑटो रिक्शा से घर लौट रहे थे, तभी हमलावरों ने उनका वाहन रुकवाया। पहले उनकी बेरहमी से पिटाई की गई, धारदार हथियारों से हमला किया गया और फिर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। जान बचाने के लिए चंद्र दास सड़क किनारे तालाब में कूद गए। शोर मचने पर हमलावर मौके से फरार हो गए।
लगातार हिंदुओं को बनाया जा रहा निशाना
इन घटनाओं की कड़ी 18 दिसंबर से शुरू होती है, जब 25 वर्षीय हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी और बाद में उसके शव को जला दिया गया। इसके बाद 24 दिसंबर को राजबाड़ी के पांग्शा इलाके में अमृत मंडल नामक एक अन्य हिंदू की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। 31 दिसंबर को भी इसी तरह एक हिंदू की जान ले ली गई। आरोप है कि इन सभी हत्याओं के पीछे कट्टरपंथी संगठनों का हाथ है और उनके निशाने पर केवल हिंदू समुदाय ही है।